तीसरी बार झारखण्ड के मुख्यमंत्री बने मुंडा (लीड-1)
मुंडा की अगुवाई में भाजपा, झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और ऑल झारखण्ड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) की यह गठबंधन सरकार बनी है। 81 सदस्यीय राज्य विधानसभा में भाजपा और झामुमो के 18-18, आजसू के पांच और जनता दल (युनाइटेड) के दो सदस्य हैं। दो अन्य निर्दलीय विधायकों के साथ मुंडा ने 45 विधायकों के समर्थन का दावा किया है। राज्यपाल ने मुंडा को शपथ ग्रहण के बाद बहुमत साबित करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है।
राजभवन में आयोजित एक समारोह में राज्यपाल एम. ओ. एच. फारूक ने मुंडा को दोपहर 12 बजे पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। मुंडा के साथ सुदेश महतो तथा हेमंत सोरेन ने भी मंत्री पद की शपथ ली। दोनों को संभवत: उपमुख्यमंत्री का ओहदा दिया जाएगा।
जमशेदपुर से सांसद मुंडा तीसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने हैं। पहली बार वह 18 मार्च 2003 को और दूसरी बार 12 मार्च 2005 को राज्य के मुख्यमंत्री बने थे । 15 नवम्बर 2000 को राज्य के गठन से लेकर अब तक किसी भी मुख्यमंत्री ने अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया है।
शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी, वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही।
पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह, उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा में पार्टी के उपनेता एस.एस. अहलूवालिया और महासचिव रविशंकर प्रसाद सहित कई वरिष्ठ नेता हालांकि इस मौके पर मौजूद थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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