झारखंड में गठबंधन सरकार का रास्ता साफ, मुंडा होंगे सीएम

मंगलवार को मुंडा ने राज्यपाल से मुलाकात की और 81 सदस्यीय सदन में 45 विधायकों के समर्थन का दावा पेश किया। भाजपा के 18, झामुमो के 18, आजसू के पांच और जद (यु) के 2 सदस्य हैं। इस दावे पर राज्यपाल एमओएच फारूक नई सरकार के गठन पर विचार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही प्रदेश से राष्ट्रपति शासन हटाने की सिफारिश कर सकते हैं।
मुंडा ने कहा, "हमने 45 विधायकों के समर्थन की चिट्ठी राज्यपाल को सौंपी है। इस दौरान 44 विधायक राजभवन में मौजूद थे।" भाजपा ने अर्जुन मुंडा को पार्टी के विधायक दल का नेता चुना। इसके पहले रघुबर दास ने इस पद से इस्तीफा दिया। दास ने कहा, "मैंने पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी के निर्देश पर विधायक दल के नेता पद से इस्तीफा दिया।"
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद मुंडा और रघुबर दास ने झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन से मुलाकात की। उसके बाद सोरेन ने कहा, "मैंने सरकार बनाने के लिए मुंडा को अपना आशीर्वाद दिया है।" सोरेन से मुलाकात के बाद भाजपा, झामुमो, आजसू, जनता दल (युनाइटेड) के विधायक तथा दो निर्दलीय विधायक राज भवन गए।
यह 10 महीने के भीतर दूसरा मौका है, जब भाजपा और झामुमो राज्य में सरकार बनाने के लिए एकजुट हुए हैं। राज्य में पिछले वर्ष नवंबर-दिसंबर में चुनाव हुआ था और शिबू सोरेन 30 दिसंबर को मुख्यमंत्री बने थे।
संसद में भाजपा द्वारा लाए गए कटौती प्रस्ताव के खिलाफ सत्ताधारी कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने के बाद भाजपा ने सोरेन सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। उसके बाद सोरेन ने 30 मई को इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद झामुमो राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन देने के लिए तैयार हुई थी, लेकिन बाद में वह पीछे हट गई। चूंकि अब पड़ोसी राज्य बिहार में अक्टूबर-नवंबर में चुनाव हो रहे हैं, लिहाजा भाजपा और झामुमो ने एकजुट होने का फैसला किया है।












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