उत्तराखंड सरकार को उच्च न्यायालय का नोटिस
एक स्वतंत्र मीडिया सोसायटी और स्वयंसेवी संस्था द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश बरीन घोष और न्यायाधीश वी.के. बिष्ट की दो सदस्यीय खण्डपीठ ने राज्य सरकार, बीआईएफआर और स्टर्डिया डेवलपर्स को नोटिस जारी कर उनसे चार सप्ताह में जवाब देने को कहा है। इस आशय की जानकारी याचिकाकर्ता के वकील सी.के. शर्मा ने मीडिया को दी।
इससे पूर्व इस मामले में एक अन्य जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए पीठ ने बीते सप्ताह राज्य सरकार को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब सौंपने को कहा था।
गौरतलब हो कि हरिद्वार-ऋषिकेष राष्ट्रीय राजमार्ग पर रायवाला से आगे स्थित सिटरजिया बायोकेमिकल्स की भूमि फिर से कारखाना चलाने के नाम पर स्टर्डिया डेवलपर्स ने हासिल किया। उसके बाद उक्त डेवलपर्स ने कारखाना स्थापित करने की बजाय भूमि का भू उपयोग परिवर्तन का उस पर आशियाना बसाने का कार्य शुरू कर दिया। वर्ष के शुरू में यह मसला राज्य विधानसभा में भी जोर-शोर से उठा था। विपक्षी कांग्रेस ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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