अध्यापक का हाथ काटने के आरोपियों की जमानत नामंजूर
न्यायाधीश वी.रामकुमार ने छहों आरोपियों पर बिफरते हुए कहा कि उनका मामला आतंकवाद से जुड़े मामलों की तरह है।
न्यायाधीश ने कहा कि इस काम से उन्होंने लोगों के दिलों में दहशत पैदा की है। उनको जमानत देने का अर्थ अध्यापक के जीवन को फिर खतरे में डालना होगा।
पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के सदस्यों ने जुलाई में एक गिरजाघर से लौटते समय जोसेफ का दाहिना हाथ काट डाला था।
जोसेफ को 34 दिन अस्पताल में बिताने पड़े। उनके हाथ को फिर जोड़ दिया गया। पिछले महीने वह घर लौटे और स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं।
जोसेफ पर कॉलेज की आंतरिक परीक्षा के लिए एक प्रश्नपत्र में पैगंबर मोहम्मद साहब के बारे में भड़काने वाला प्रश्न शामिल करने का आरोप लगाने वाले पीएफआई के कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया था।
पुलिस ने हमले के संबंध में 20 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया और अपराध में शामिल 51 लोगों की पहचान की।
जोसेफ को एक और झटका लगा जब थोडुपुझा न्यू मैन कॉलेज ने कथित भड़काऊ प्रश्नपत्र के आरोप में उनको सेवा से हटा दिया। प्रबंधन के इस कदम की चौतरफा आलोचना हो रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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