नक्सलियों की दूसरी समय-सीमा खत्म, पीड़ित परिजन बेहाल (लीड-1)

मोदी ने पटना में गुरूवार को पत्रकारों से चर्चा में कहा कि सरकार पुलिसकर्मियों को छुड़ाने के लिए कार्य कर ही है। उन्होंने नक्सलियों से पुलिसकर्मियों को मुक्त करने की अपील भी की है।

इधर, बंधक बनाए गए पुलिसकर्मियों के परिजनों की तबियत बिगड़ने लगी है। पिछले दो दिनों से मुख्यमंत्री आवास के सामने बैठी बंधक पुलिसकर्मी अभय यादव की पत्नी रजनी देवी की तबीयत गुरुवार को बिगड़ गई। पुलिस ने उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचा दिया है। इससे पहले रजनी ने कहा था कि जब तक उनके पति लौट नहीं आते तब तक वह मुख्यमंत्री आवास के पास बैठे रहेंगी। उनके कई परिजन भी मुख्यमंत्री आवास के सामने डटे हुए हैं।

इससे पहले बुधवार को एक अन्य बंधक पुलिसकर्मी रूपेश की मां की भी तबीयत मुख्यमंत्री आवास के पास बिगड़ गई थी। इधर, पुलिस के अनुसार लखीसराय और जमुई के जंगली क्षेत्रों में नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है।

प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के मुंगेर-जमुई-लखीसराय जोन के स्वयंभू प्रवक्ता अविनाश ने गुरुवार को एक बार फिर स्थानीय चैनलों को फोन पर कहा कि बंधक बनाए गए लोगों के परिजनों की गुहार पर उन्होंने समय सीमा गुरुवार सुबह10 बजे तक बढ़ा दी थी परंतु अब ऐसा नहीं होगा। उसने कहा कि अब तक सरकार ने कोई पहल नहीं की है। अविनाश ने कहा कि अब जन अदालत लगाकर बंधकों के विषय में फैसला किया जाएगा।

इस बीच पुलिस मुख्यालय का कहना है कि बंधकों की रिहाई के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही बांका, जमुई, भागलपुर तथा लखीसराय जिलों में पुलिस को सचेत कर दिया गया है तथा यहां की जेलों की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक इन जिलों के सभी थानों को चौकस रहने के निर्देश दिए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि रविवार को लखीसराय के कजरा थाना क्षेत्र में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में नक्सलियों ने चार पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया। अविनाश ने मंगलवार को स्थानीय चैनलों को फोन पर कहा था कि रविवार को लखीसराय जिले के कजरा थाना क्षेत्र में हमारे लोगों ने पुलिस दल पर हमला करने के बाद राज्य के दो पुलिस निरीक्षक (एसआई) और दो बिहार सैन्य बल (बीएमपी) के जवान उनके कब्जे में हैं। बंधक बनाए गए पुलिसकर्मियों में रूपेश कुमार सिन्हा (बेतिया), अभय यादव (बेगूसराय), एहतशाम खान (मांडर, रांची) तथा लुकस टेटे (सिमडेगा, झारखंड) शामिल हैं।

नक्सलियों ने बंधकों को मुक्त करने की एवज में सरकार के सामने पहले बुधवार शाम चार बजे तक तथा बाद में गुरुवार सुबह 10 बजे तक की समय-सीमा रखी थी। उन्होंने सरकार के सामने अपने आठ साथियों की रिहाई की शर्त रखी है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

*

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+