शक्ति ने मुख्यमंत्री पर क्यों फेंका जूता?
करनाल। पिछले सप्ताह हरियाणा के महेंद्रगढ़ में एक जनसभा के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के ऊपर जूता फेंका गया। जूता फेंकने वाले युवक शक्ति सिंह को पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार कर लिया। अब शक्ति सिंह के साथ पुलिस कैसे पेश आएगी, यह तो बाद की बात है, लेकिन आखिर शक्ति ने सीएम पर जूता क्यों फेंका? यह सवाल लोगों के ज़हन में अभी तक दौड़ रहा है।
करनाल में आयोजित राजपूत विकास मंच की जनसभा में रोहतक जिले के बनियानी गांव का शक्ति सिंह भी मौजूद था। इस घटना के बाद से राजपूत बिरादरी के लोग शक्ति सिंह को बधाई दे रहे हैं। क्योंकि राजपूत बिरादरी के लोगों का मानना है कि उनका शोषण हो रहा है और हुड्डा सरकार उनकी समस्याएं नहीं सुनती।
सरकार इसी प्रकार अनदेखा करती रही तो अभी तो जूता फेंका गया है, आगे सरकार का विरोध हर स्टेज चढ़कर पर किया जाएगा।
हमने जब शक्ति सिंह से बात की तो वो प्रशासन की खामियों के बारे में सोच कर गंभीर हो गया। शक्ति सिंह ने बताया कि 19 अगस्त 2009 को गांव के राजकीय स्कूल में एक अध्यापक छात्राओं को कंप्यूटर पर अश्लील फिल्में दिखाता था, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया तो उन्हें पुलिस की गोलियां खाने को मिलीं। प्रदर्शन के दौरान दो गोलियां शक्ति सिंह को भी लगीं थीं। घायल शक्ति सिंह की जान बच गगई और मुख्यमंत्री ने एक नौकरी और 10 लाख रुपए देने की घोषणा कर दी।
तब से अभी तक एक साल बीत चुका है न तो नौकरी मिली और न ही मुआवज़ा। घर की माली हालत काफी दयानीय स्थिति में पहुंच चुकी है। शक्ति सिंह इस बीच सांसद, विधायक, डीसी सहित तमाम अधिकारियों को मिल चुका है, लेकिन उसे कुछ हांसिल नहीं हुआ। शासन के प्रति नाराज़गी इतनी बढ़ गई कि सीएम पर जूता उछालने की नौबत आ गई।












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