उत्तर भारत बाढ़ की चपेट में, अब तक 6 की मौत (राउंडअप)
उधर, पश्चिम बंगाल में जलपाईगुड़ी और दार्जीलिंग जिलों के निचले इलाकों में शुक्रवार को तीस्ता नदी का जलस्तर बढ़ जाने से 5,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के औराई, कटरा, गायघाट तथा बोचहां प्रखण्डों के करीब 100 गांवों में बाढ़ का पानी तबाही मचाए हुए है। उत्तराखण्ड में पिछले 11 दिनों से लगातार जारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
उत्तर प्रदेश के आधा दर्जन जिलों के सैकड़ों गांवों में बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हैं और सैकड़ों एकड़ फसलें बर्बाद हो गई हैं। प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) के जवान प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के काम में जुटे हुए हैं। बहराइच, लखीमपुर खीरी, गोंडा, सीतापुर, बस्ती और बाराबंकी जिले बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। प्रदेश में अब तक बाढ़ से छह लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
बहराइच के कैसरगंज और महसी तहसील के संगवा, समदर, केवलपुर, बांसगढ़ी, अटोडर, देवगंज, पुंगिया, चूली सहित करीब 75 गांव जलमग्न हो गए हैं। करीब 100 गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। बाढ़ से जिले में एक व्यक्ति की मौत हुई है। लखीमपुर खीरी के करीब 25 गांव जलमग्न हो गए हैं।
निघासन तहसील के विभिन्न गांवों में बाढ़ से पांच लोगों की मौत हुई है। प्रभावित इलाकों में प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है। सीतापुर, पीलीभीत, गोरखपुर, बस्ती, फरु खाबाद, फैजाबाद जिलों में भी बाढ़ प्रभावितों को जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
उधर, दिल्ली में यमुना का जलस्तर अभी तक खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। निचले इलाकों में पानी भर जाने के कारण लगभग 1,500 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। राहत शिविर उस्मानपुर, गढ़ीमांडू, बदरपुर खादर, आईएसबीटी सेतु, शकरपुर, अक्षरधाम मंदिर, पुराना यमुना सेतु, गीता कालोनी और ओखला में लगाए गए हैं।
इस बीच बिहार की राजधानी पटना के बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक राज्य में बागमती, कमलाबलान, कोसी तथा महानंदा नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कमला बलान झंझारपुर में और महानंदा डेंगराघाट में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बलुआ तथा बलसारा में कोसी खतरे के निशान से ऊपर है। बाढ़ से सैकड़ों गांव घिरे हुए हैं।
पश्चिम चंपारण की वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। जिले के लौरिया, नरकटियागंज, बगहा प्रखण्डों के कई गांवों से जिला मुख्यालय का संपर्क टूट गया है। सुपौल और सहरसा के तटबंधों पर बाढ़ के पानी का दबाव बना हुआ है। सुपौल के नौहट्टा, सिमरी बख्तियारपुर, सरखुआ तथा महिषी प्रखण्ड के आधा से ज्यादा गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं।
उत्तराखण्ड में पिछले 11 दिनों से लगातार जारी बारिश से राज्य का जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। राज्य में जानमाल सहित फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। मुख्य मार्गो के साथ-साथ गांवों की सड़कों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
पश्चिम बंगाल में जलपाईगुड़ी और दार्जीलिंग जिलों के निचले इलाकों में हुई भारी बारिश के बाद शुक्रवार को तीस्ता नदी का जलस्तर बढ़ गया। इससे 5,000 लोग प्रभावित हुए हैं। सिलीगुड़ी उपमंडल के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण पानी भर गया है। प्रशासन ने नदी के किनारे रहने वालों लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
जलपाईगुड़ी जिला प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हुई भारी बारिश के कारण तीस्ता नदी में जलस्तर बढ़ने की वजह से नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने राज्य के कुछ इलाकों में शनिवार तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना जाहिर की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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