ज्ञानेश्वरी रेल दुर्घटना : मुख्य संदिग्ध मुठभेड़ में मारा गया (लीड-1)
पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक भूपिंदर सिंह ने फोन से आईएएनएस को बताया कि उमाकांत महतो शुक्रवार तड़के झारग्राम के एक जंगल में मुठभेड़ में मारा गया।
महतो पुलिस संत्रास विरोधी जन समिति (पीसीपीए) का नेता था। उसे ज्ञानेश्वरी रेल दुर्घटना मामले का प्रमुख संदिग्ध आरोपी माना जा रहा था।
पुलिस के अनुसार मुठभेड़ गुरुवार देर रात 1.30 बजे शुरू हुई। घटनास्थल के एक पिस्तौल और भारी संख्या में गोलियां मिली हैं। उसके सहयोगी फरार होने में सफल रहे।
ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस दुर्घटना की जांच कर रहे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पहले ही उमाकांत महतो के बारे में सूचना देने पर एक लाख रुपये का पुरस्कार घोषित किया था।
महतो 28 मई को हुई रेल दुर्घटना के बाद से ही फरार था। आरोपियों ने पटरियों को क्षतिग्रस्त कर दिया था, जिससे मुंबई जा रही रेलगाड़ी पटरी से उतर गई। दुर्घटना में 148 लोग मारे गए थे। ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के पलटने के शीघ्र बाद दूसरी ओर से आ रही एक मालगाड़ी पटरी से उतरे हुए डिब्बों से टकरा गई। इससे मरने वालों की संख्या काफी बढ़ गई।
इस घटना के एक अन्य संदिग्ध बापी महतो को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले के तीसरे प्रमुख संदिग्ध असित महतो को पुलिस अभी नहीं तलाश पाई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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