अमेरिका में मकानों की बिक्री में रिकॉर्ड गिरावट, मंदी के संकेत
वाशिंगटन। एक बार फिर अमेरिका में मकानों की कीमतों में गिरावट आना शुरू हो गयी है। उल्लेखनीय है कि पिछली मंदी के दौर की शुरुआत भी कुछ इसी तरह हुई थी। बाद में मकानों की कीमतों का घटना ही अमेरिकन अर्थव्यवस्था के मंदी में फंसने का मुख्य कारण माना गया था। अब वैसे ही लक्षण फिर से सामने आ रहे हैं।
मंदी के दूसरे दौर के संकेत
अमेरिका में मकानों की बिक्री गिरकर पिछले 15 वर्षो के सबसे निचले स्तर पर जा पहुंची है। अर्थव्यवस्था के इस तरह के संकेतों को देख कर, शीर्ष अर्थशास्त्रियों ने चेतावनी दी है कि आवासों की कीमतों में दोबारा गिरावट के कारण अर्थव्यवस्था में हो रहे सुधार की गति धीमी हो सकती है। नेशनल एसोसिएशन ऑफ रिएल्टर्स ने मंगलवार को कहा कि जुलाई में मकानों की बिक्री में 27.2 प्रतिशत की गिरावट आई है। विश्लेषकों के अनुमान से यह दोगुना है। मकानों में बिक्री की दर वर्ष 1999 से लेकर अब तक सबसे कम है।
मकानों की कीमतों में गिरावट की वजह उनकी आपूर्ति में अधिकता और मांग में कमी है। विश्लेषकों का कहना है कि मंदी ने दिखा दिया है कि आवासीय क्षेत्र का बाजार और व्यापक अर्थव्यवस्था परस्पर जुड़े हुए हैं। जब आवासों की कीमतें गिरती हैं तो पूरे अमेरिका की अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है। अमेरिका की अर्थव्यवस्था ढहने का सीधा मतलब है मंदी के दूसरे दौर की शुरुआत।
क्या कहते हैं आंकड़े
सीएनएन ने कहा कि बिक्री में गिरावट का कारण घर खरीदने वालों को 8000 डॉलर की कर छूट का खत्म होना है। इसके खात्मे की तय सीमा 30 अप्रैल से पहले लोगों ने मकान खरीद के सौदों पर हस्ताक्षर किए। अब कर छूट खत्म होने के दो महीने बाद अप्रैल से मकानों की बिक्री में 34 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है।
बचे हुए मकानों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। तैयार 39.8 लाख मकानों में से अभी 2.5 प्रतिशत नहीं बिके हैं। बिक्री की मौजूदा दर को देखते हुए ये मकान अगले 12 महीनों के लिए पर्याप्त हैं। यह संख्या वर्ष अक्टूबर 1982 के बाद सबसे अधिक है जब बचे हुए मकानों की संख्या अगले 13 महीनों से अधिक समय के लिए पर्याप्त थी। मकानों की संख्या यदि अगले छह महीनों की बिक्री के लिया पर्याप्त हो तो उसे सामान्य माना जाता है।












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