उत्तर प्रदेश में किसानों ने बुधवार को बंद का आह्वान किया
आगरा। उत्तर प्रदेश में किसानों का आंदोलन जारी है। अलीगढ़, मथुरा और आगरा जिलों में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर एर बार फिर धरना, प्रदर्शन और बंद का सिलसिला शुरू कर दिया है। किसानों में इन जिलों में अपनी जमीन के लिए अधिक मुआवजा दिये जाने की मांग करते हुए एक दिन के बंद का आह्वान किया है। ज्ञात हो कि इन किसानों की जमीन यूपी सरकार यमुना एक्सप्रेस वे के लिए अधिगृहीत कर रही है।
किसानों ने बंद को सफल बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किये हैं। सड़क और रेल यातायात जाम करने की चेतावनी के साथ ही किसानों ने दुकानदारों से दुकानें बंद रखने को कहा है। किसानों की सरगर्मी को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी है। गौरतलब है कि यमुना एक्सप्रेस वे यूपी सरकार की महत्वकांक्षी योजना है। इस मार्ग के बनने के बाद दिल्ली और आगरा के बीच के सफर का समय करीब 90 मिनट कम होने का अनुमान है।
एक अधिकारी ने बताया,"जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी किसानों को पटरियों को क्षति पहुंचाने से रोकने के लिए स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर भी नजर रखी जा रही है क्योंकि लोग बड़ी संख्या में इस मार्ग का उपयोग करते हैं।" इलाके की व्यापारिक संस्थाओं ने भी बंद का समर्थन किया है। इसके अलावा कांग्रेस, भाजपा, सपा, और रालोद (राष्ट्रीय लोकदल) ने गुरुवार को संसद के पास एक रैली करने का फैसला किया है।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मुआवजे की दर 449 रुपये प्रति वर्गमीटर से बढ़ाकर 570 रुपये प्रति वर्गमीटर कर दी है। परंतु किसानों से इस प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए ग्रेटर नोएडा में दिए गए 880 रुपये प्रति वर्गमीटर के बराबर मुआवजा देने की मांग की है। एक्सप्रेस वे गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), अलीगढ़, महामाया नगर (हाथरस) और मथुरा जिलों से होकर गुजरेगा। इसके लिए 115 गांवों की कुल 2,500 हेक्टेयर जमीन अधिगृहीत हुई है।












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