उत्तर भारत में बारिश का कहर जारी, जनजीवन अस्त-व्यस्त (राउंडअप)

बुधवार को दिल्ली यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 206.92 मीटर ऊपर पहुंच गया। शहर के निचले इलाकों को खाली करा लिया गया है। सड़कों पर जगह-जगह जलभराव के कारण दिनभर जाम की स्थिति बनी रही।

दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने पर पूर्वी जिले को मुख्य शहर से जोड़ने वाले पुराने लोहे के पुल को बंद कर दिया गया। इस वजह से रेल और सड़क यातायात प्रभावित हुआ। यमुना नदी लगातार पांच दिनों से खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

जलस्तर बढ़ने की वजह से प्रभावित लोगों के लिए उस्मानपुर, बदरपुर खदर, आईएसबीटी पुल, शकरपुर, अक्षरधाम मंदिर और ओखला में रैन बसेरे बनाए गए हैं।

उधर, बिहार के बेतिया जिले में बाढ़ के कारण बगहा पुलिस अधीक्षक (एसपी), अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) एवं अनुमंडल अधिकारी (एसडीएम) सहित करीब 300 पुलिसकर्मी एक गांव में फंस गए हैं।

पुलिस के अनुसार भैरोगंज थाना क्षेत्र के रामबारी महुआ गांव में मंगलवार की देर शाम दो समुदायों के बीच तनाव उत्पन्न हो गया था। इस कारण बगहा पुलिस अधीक्षक डॉ़ सिद्धार्थ, एसडीएम राजीव कुमार सिंह, एसडीपीओ हरिशंकर, कई थाना प्रभारियों सहित करीब 300 पुलिसकर्मी रामबारी महुआ गांव पहुंचे थे। मसान और खूंटी नदी के उफनने से गांव पूरी तरह बाढ़ से घिर गया।

उत्तर प्रदेश की ताज नगरी आगरा में यमुना नदी में उफान के चलते निचले और तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रदेश के बलिया, महाराजगंज, लखीमपुर खीरी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने का सुझाव दिया है।

अधिकारियों के अनुसार बैराज से बड़े पैमाने पर पानी छोड़े जाने की वजह से बुधवार शाम तक नदी में पानी का स्तर 494 फुट तक पहुंचने की संभावना है।

पंजाब में रोपड़ जिले के आनंदपुर साहिब इलाके के 15 गांवों में भारी बारिश के बाद सतलुज नदी का पानी घुस गया है। सतलुज नदी के तटबंध में तकरीबन 100 फुट चौड़ी दरार के कारण लौदीपुर, गज्जपुर, बुर्ज, नांगली, दस्दगै्रन, हरिवाल, निक्कुवल, मेंहदी कलां और सैनी माजरा गांवों में पानी भर गया है।

प्रशासन बाढ़ प्रभावितों के लिए राहत शिविर स्थापित करने के काम में तेजी से जुटा हुआ है। रेलमार्गो के डूब जाने की वजह से फिरोजपुर की तरफ जाने वाली रेलगाड़ियों के रास्ते में बदलाव किया गया है।

भाखड़ा बांध से मंगलवार को 68,000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से लुधियाना, फिरोजपुर, नवांशहर और रोपड़ जिले के निचले इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इसके अलावा आनंदपुर साहिब और किरतपुर साहिब इलाके भी बाढ़ के घेरे में आ गए हैं।

इधर, हरियाणा में यमुना में पानी का स्तर थोड़ा कम हुआ है लेकिन यमुनानगर, करनाल, सोनीपत, पानीपत, फरीदाबाद और पलवल जिले में अभी भी बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी है।

हरियाणा के मुख्य अभियंता हरिमल सिंह ने बताया, "हथिनी कुंड बैराज से यमुना में 90,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। नदी का पानी यमुनानगर जिले के कलेसर, बीबीपुर, भागपुर, ओदरी, बागवाली, जठलाना, गुमठाला कमालपुर तपू गांवों में घुस गया है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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