उत्तर भारत में कई जगह वर्षा जारी रहने का अनुमान (लीड-1)

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने उपग्रह से प्राप्त तस्वीरों के आधार पर कहा है कि जम्मू एवं कश्मीर के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखण्ड के ऊपर घने बादल हैं।

मौसम विज्ञान विभाग ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्विम बंगाल के पहाड़ी इलाकों में भारी वर्षा की संभावना जताई है। पंजाब, हरियाणा, चण्डीगढ़ और दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हल्की वर्षा का अनुमान है।

दिल्ली में बुधवार सुबह तेज वर्षा से कई स्थानों पर पानी भरने के साथ ही सड़क जाम की समस्या फिर सामने आ गई। इससे कार्य स्थलों पर जाने के लिए निकले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ स्थानों पर तो दो फुट तक पानी जमा हो गया। इसके कारण आश्रम, बाहरी रिंग रोड, धौलाकुआं, प्रगति मैदान, राजघाट, डीएनडी, अजमेरी गेट जैसे स्थानों पर भारी जाम लग गया है।

उधर यमुना नदी खतरे के निशान से करीब एक फुट ऊपर बह रही है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए यमुना में गिरने वाले शहर के सभी नालों को बंद कर दिया गया है। विभाग ने अगले दो दिनों में उत्तराखण्ड, पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों, सिक्किम, मेघालय, अरूणाचल प्रदेश, तटीय कर्नाटक, केरल, तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी दी है।

उधर, सूखाग्रस्त बिहार के कुछ जिलों तथा नेपाल के तराई क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण राज्य के कुछ जिलों में बाढ़ का पानी घुस गया है। कई तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है तो कई नदियां खतरे के निशान के उपर बह रही हैं। बाढ़ की आशंका को देखते हुए गोपालगंज में रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है। इधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी अधिकारियों को बाढ़ से निपटने के निर्देश दिये हैं।

वाल्मीकीनगर बैराज से गंडक नदी में ज्यादा पानी छोड़े जाने के कारण गोपालगंज में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। कई क्षेत्रों में बाढ़ का पानी घुसने की भी सूचना है। सुपौल जिले में कोसी नदी में जलस्तर बढ़ने से पूर्वी तटबंध के कई स्थानों पर दबाव बढ़ गया है। पानी बढ़ने के काण पूर्वी और पश्चिमी तटबंध के बीच बसे करीब 25 गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बेतिया जिले के नरकटियागंज अनुमंडल के गौनहां प्रखंड मुख्यालय में बाढ़ का पानी घुस गया है जबकि बगहा नगर के आधा दर्जन मोहल्लों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है।

इधर, मुजफ्फपुर के औराई, कटरा और गायघाट प्रखंडों के 53 गांवों में बागमती और लखनदेई नदी की बाढ़ का पानी प्रवेष कर गया है। अधिकारियों के अनुसार करीब 2500 परिवार इसकी चपेट में हैं।

बागमती रूनीसैदपुर, बेनीबाद तथा जयनगर में खतरे के निशान को पार कर गई है जबकि कोसी बराह क्षेत्र के अलावा बसुआ में खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। महानंदा तैयबपुर और झावा में खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। राज्य के मुख्यमंत्री ने राज्य के कुछ जिलों में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए तटबंधों की सुरक्षा बढ़ाने और राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये हैं।

अगले 24 घंटों के दौरान बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर भी भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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