हरियाणा में यमुना के तेवर देख प्रशासन की नींद उड़ी

बल्लभगढ़ | यमुना में लगातार छोड़े जा रहे पानी से इसका जलस्तर जिले में अब खतरे के निशान पर पहुंच गया है। यमुना के आसपास के खेतों में घुसे पानी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में प्रशासन ने यमुना के निकट के क्षेत्रों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। तीन दिन से लगातार यमुनानगर स्थित ताजेवाला बैराज से पानी छोड़ा जा रहा है। अब तक करीब ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। रविवार दोपहर तक जिले में करीब एक लाख क्यूसेक पानी पहुंच चुका है। इसके बाद नदी का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंच गया है।

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पानी के बढ़ते जल स्तर से यमुना के साथ लगते खेत व यमुना के खादर क्षेत्रों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचना शुरू हो गया है। प्रशासन ने मंझावली, शाहजहांपुर, छांयसा व अन्य यमुना तटों पर दौरा कर हर घंटे की स्थिति की जानकारी लेनी शुरू कर दी है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक यदि स्थिति खराब होती है तो प्रशासन राहत कार्य के लिए पूरी तरह से तैयार है।

भूमि का कटाव शुरू

रविवार सुबह जैसे ही पानी का स्तर तीन से पांच फीट तक पहुंचा आसपास के क्षेत्रों में तेजी से कटाव शुरू हो गया। पानी आने की खबर खादर क्षेत्र के गांवों में आग की तरफ फैल गई। तेज बहाव को देख ठेकेदारों ने नाव चलाना बंद कर दिया। रविवार को पानी खादर क्षेत्र के करीब 40 एकड़ में बोई हुई धान, अरहर व ज्वार की फसलों में पहुंच गया। इस समय पूरी फसल पानी में डूबी हुई है। मंझावली गांव के सरपंच ने बताया कि गांव में मुनादी करा दी गई है कि कोई भी व्यक्ति यमुना किनारे की ओर न जाए। बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने अपने गोताखोर व अन्य साजो सामान पंचायत भवन स्थित कार्यालय में एकत्र कर लिया है।

सिंचाई विभाग के जेई जितेंद्र कुमार ने बताया कि यमुना नदी में शनिवार सुबह करीब 70 हजार क्यूसिक पानी छोड़ा गया। जबकि शुक्रवार को यमुना नदी में करीब 40 हजार क्यूसिक पानी छोड़ा गया। शुक्रवार को ताजेवाला से 32 हजार क्यूसिक पानी और छोड़ा गया। इंदिरा नगर व मोहबलीपुर गांव में मुनादी करा दी गई है कि यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। अभी इन दोनों गांवों को खाली नहीं कराया गया है। अभी पानी यमुना के किनारे को पूरी तरह से नहीं छू पाया है।

उधर पलवल-अलीगढ़ रोड पर हरियाणा व यूपी को आपस में जोड़ने वाले रहीमपुर पुल की सड़क की हालत खराब होती जा रही है। लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। इस पुल का निर्माण करीब 20 से 25 साल पहले इसलिए किया गया था ताकि यूपी व हरियाणा के लोगों को एक-दूसरे स्टेट से जोड़ा जा सके। इस पुल के बनने के बाद हरियाणा से यूपी व यूपी से हरियाणा में वाहनों का आना जाना शुरू हो गया। सड़क के जगह-जगह टूटने से दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी हो रही है।

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