बाढ़ के मामले में आपात बैठक

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री युसुफ़ रज़ा गिलानी ने स्वास्थ्य अधिकारियों, प्रांतीय नेताओं और राहत एजेंसियों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई है.
इस बैठक में गिलानी देश में बाढ़ प्रभावित इलाक़ों में महामारी के ख़तरे को रोकने और बाढ़ पीड़ितों के इलाज के लिए एकजुटता पूर्ण कार्रवाई पर विचार करेंगे.
बाढ़ और उससे पैदा हुई परिस्थितियों से निपटने के पाकिस्तान सरकार के प्रयासों की निंदा के बाद ये बैठक बुलाई गई है.
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान में बाढ़ से क़रीब तीस लाख बच्चे प्रभावित हुए हैं और अगर सही समय पर उचित क़दम नहीं उठाए जाते हैं तो उन्हें पानी से पैदा होनेवाली कई तरह की बीमारियाँ हो जाने का ख़तरा है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि बाढ़ के बाद अब बीमारियों का ख़तरा बढ़ गया है और हैजा, दस्त और मलेरिया के मामले बड़ी संख्या में लगातार सामने आ रहे हैं.
आर्थिक मदद
राहत संस्थाओं का कहना है कि बचाव कार्य के लिए कई संस्थाओं से आर्थिक मदद मिलनी शुरू हो गई है लेकिन अभी और मदद की ज़रूरत है.
पूरे पाकिस्तान का लगभग पाँचवाँ हिस्सा अभी भी बाढ़ के पानी में डूबा हुआ है और क़रीब 60 लाख पाकिस्तानी बेघर हो गए हैं.
कुल मिलाकर दो करोड़ से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.
संयुक्त राष्ट्र ने ये भी कहा है कि पाकिस्तान में बाढ़ और उससे पैदा हुई परिस्थितियों से निपटने के लिए और अंतर्राष्ट्रीय सहायता जुटाने के इंतज़ाम हो रहे हैं.












Click it and Unblock the Notifications