सैकड़ों गांवों में घुसा घाघरा और शारदा का पानी
उत्तराखण्ड स्थित बनबसा बैराज से करीब पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने और नेपाली नदियों में जलस्तर बढ़ने से शारदा और घाघरा के जलस्तर में उफान आ गया है। बहराइच में खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर बह रही घाघरा के पानी से करीब 100 गांव घिर गए हैं।
बहराइच के जिलाधिकारी रिग्जियान सैफिल ने रविवार को संवाददाताओं को बताया कि कैसरगंज और महसी तहसील के जिन गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है, वहां राहत के लिए 20 नावें और 10 मोटरबोट राहत कार्य के लिए लगाई गई हैं।
उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए प्रांतीय सशस्त्र बल(पीएसी) की एक कंपनी को लगाया गया है। 100 गावों में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सैफिल ने माना कि 80 गावों के करीब पांच हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
बहराइच के साथ-साथ बाराबंकी और गोंडा में भी घाघरा नदी से तबाही की संकट मंडरा रहा है। बाराबंकी में घाघरा नदी खतरे के निशान से 52 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है।
अपर जिलाधिकारी (वित्त) देवेंद्र पांडे ने आईएएनएस से कहा कि रामनगर तहसील के करीब 20 गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। उन्होंने कहा कि पीएसी के जवान राहत कार्य में लगे हैं। मोटरबोट व नावों से बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर लाकर उन्हें राहत सामग्री मुहैया कराई जा रही है।
गोंडा की तरबगंज और नवाबगंज तहसीलों के करीब एक दर्जन गांव घाघरा से प्रभावित हुए हैं। यहां घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर है।
लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 153.62 मीटर से 40 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। लखीमपुर खीरी के अपर जिलाधिकारी (वित्त) तुलसी राम ने आईएएनएस को बताया कि पलिया और निघासन तहसील के निचले इलाकों के करीब 20 गांवों में नदी का पानी प्रवेश कर गया है।
उधर, फरुखाबाद में गंगा, गोरखपुर और सिद्धार्थनगर में राप्ती, बस्ती में घाघरा और पीलीभीत में शारदा का जलस्तर लोगों की चिंता बढ़ा रहा है।
बीते 24 घंटों के दौरान राजधानी लखनऊ सहित पूर्वाचल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तराई के हिस्सों में तेज बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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