सांडों की लड़ाई पर रोक के बाद अब 'सांड दौड़' निशाने पर
पूर्वोत्तर स्पेन के गांवों में इन दिनों चल रहे त्योहारों में सांडों के गले में लोहे की गेंदों में ज्वलनशील पदार्थ बांधकर 'सांड दौड़' कराई जा रही है।
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक इन गेंदों में आग लगाने के बाद सांडों को गलियों में भागने के लिए खुला छोड़ दिया जाता है और ये सांड उनके गले से बंधे पटाखों के फटने की आवाज सुनकर भयग्रस्त होकर यहां-वहां भागते हैं, इस दौरान स्थानीय लोग उन्हें तंग करते हैं।
इस तरह के दृश्यों को 'कोरेबोस' या 'सांड दौड़' कहते हैं। कैटेलोनिया के कुछ इलाकों में सांडों की इस तरह की दौड़ बहुत लोकप्रिय है। कैटेलोनिया ही स्पेन का ऐसा पहला क्षेत्र है जहां सबसे पहले सांडों की लड़ाई पर प्रतिबंध लगा है। जुलाई से यह प्रतिबंध लगाया गया। इस फैसले के बाद ज्यादातर स्पेनवासी सकते में हैं।
यह प्रतिबंध 2012 से लागू होगा और कैटेलानिया में पशुओं के अधिकारों के लिए आंदोलन करने वाले कार्यकर्ताओं के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि है।
'एंटी-बुलफाइटिंग पार्टी' (पाक्मा) की डोरा कैसैडो ने फोन पर डीपीए को बताया, "हम नहीं जानते कि कितने लंबे समय के लिए इस पर प्रतिबंध लगा है लेकिन हम इसके खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखेंगे।"
स्पेन में सांडों की लड़ाई के अलावा उनसे जुड़े कई अन्य खेल भी होते हैं।
पाम्पलोना की प्रसिद्ध सांड दौड़ में लड़ते हुए सांडों के साथ आदमी भी दौड़ते हैं। यह दौड़ पर्यटकों के बीच विशेष आकर्षण होती है।
कैसैडो के मुताबिक कुछ इलाकों में तो सांडों को बिजली के झटके दिए जाते हैं जबकि ऐसा करना गैर कानूनी है।
अन्य सांड दौड़ों में 'फायर बुल' और 'टाइड बुल' प्रमुख हैं। 'फायर बुल' में तो सांडों के गले में पटाखे बांधकर उन्हें दौड़ाया जाता है। 'टाइड बुल' में उन्हें रस्सी से बांधकर खींचा जाता है और इस दौरान लोग उन्हें सताते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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