जीएम खाद्य संबंधी विधेयक अगले सप्ताह पेश हो सकता है

नई दिल्ली, 21 अगस्त (आईएएनएस)। जीन परिवर्धित (जीएम) खाद्य पदार्थ के नियमन संबंधी विधेयक अगले सप्ताह संसद में पेश किया जा सकता है। यह विधेयक बीटी बैंगन से लेकर बीटी कपास से संबंधित कई सारे मुद्दों को सुलझाएगा।

सरकारी सूत्रों ने शनिवार को कहा कि भारतीय जैव प्रौद्योगिकी विनियामक प्राधिकरण विधेयक का उद्देश्य कृषि में जैव प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के नियमन की कोई प्रक्रिया तैयार करना है। इस विधेयक को कैबिनेट ने सोमवार को अपनी मंजूरी दे दी थी।

यह विधेयक बीटी बैंगन से लेकर बीटी कपास से संबंधित कई सारे मुद्दों को सुलझाएगा, क्योंकि जीन परिवर्धित इन कृषि उत्पादों के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर तमाम चिंताएं खड़ी की गई हैं।

कुछ पर्यावरण संगठनों और समाज के लोगों ने आरोप लगाया है कि यह विधेयक जीन परिवर्धित खाद्य पदार्थो के लिए दरवाजे पूरी तरह खोल देगा।

केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), जयराम रमेश ने इसके पहले कहा था कि विधेयक के संसद में पेश हो जाने के बाद समाज की चिंताएं दूर हो जाएंगी।

रमेश ने यह भी स्पष्ट किया है कि जीन परिवर्धित खाद्य पदार्थो की व्यावसायिक मंजूरी और सुरक्षा मामले को, निर्धारित प्रक्रिया के तहत एक अलग एजेंसी निपटाएगी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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