सेनाओं के माध्यम से नारायणमूर्ति ने की बदलाव की वकालत
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के कैडेटों को संबोधित करते हुए नारायणमूर्ति ने शुक्रवार को कहा, "सेनाएं उन अंतिम संस्थाओं में से एक हैं जिन पर देश को पूरा विश्वास है। इसलिए मूल्यों को कायम रखना और उसमें वृद्धि करना हर कैडेट का कर्तव्य है।"
परिवर्तन की अवधारणा में अपने दृढ़ विश्वास को व्यक्त करते हुए मूर्ति ने भ्रष्टाचार के खात्मे, अप्रचलित नियमों को हटाने तथा जड़ मानसिकता को दूर करने को कहा जिससे देश एक अंतर्राष्ट्रीय ताकत बन सके।
नारायणमूर्ति ने युवा कैडेटों के सामने कहा, "समाज में सुधार लाने का एकमात्र उपाय शिक्षा है, मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप आगे बढ़े और परिवर्तन के वाहक बनें।"
नारायणमूर्ति ने स्वीकार किया कि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के अनुशासन ने उनको हमेशा प्रभावित किया और इससे देश भी कुछ सीख सकता है।
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के कमांडेंट वाइस एडमिरल सतीश सोनी ने नारायणमूर्ति का स्वागत किया और उनको कैडेटों के समक्ष ले गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications