परमाणु दायित्व विधेयक किसी अन्य देश के हित में नहीं:चव्हाण
नई दिल्ली, 20 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने शुक्रवार को यहां कहा कि सरकार उन आरोपों को खारिज करती है, जिसमें कहा जा रहा है कि प्रस्तावित असैन्य परमाणु दायित्व विधेयक किसी खास देश को लाभ पहुंचाने के लिहाज से तैयार किया गया है।
चव्हाण ने यहां संवाददाताओं को बताया, "कुछ लोगों ने इस तरह की चिंता व्यक्त की है कि इस विधेयक को किसी खास देश को ध्यान में रख कर या उसे लाभ पहुंचाने के लिहाज से तैयार किया गया है। यह बिल्कुल गलत है। मैं इसे सिरे से खारिज करता हूं।"
चव्हाण ने असैन्य परमाणु दायित्व विधेयक पर राजनीतिक सहमति बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस विधेयक में किसी दुर्घटना की स्थिति में पीड़ितों को मुआवजा देने की बात शामिल है।
चव्हाण ने कहा कि कैबिनेट ने सुबह असैन्य परमाणु दायित्व विधेयक पर एक संसदीय समिति की सिफारिशों को अपनी मंजूरी दे दी।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में समिति की सिफारिशों को मंजूरी दे दी गई, जिसमें रिएक्टर संचालक का दायित्व पहले से तीन गुना बढ़ा कर 1,500 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
ज्ञात हो कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर संसद की 31 सदस्यीय स्थायी समिति ने परमाणु दायित्व विधेयक का परीक्षण करने के बाद बुधवार को अपनी रिपोर्ट संसद के दोनों सदनों में पेश की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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