वीआईपी दीर्घा से फेंका गया उमर अब्दुल्ला पर जूता
श्रीनगर। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर स्थानीय बख्शी स्टेडियम में रविवार को एक सब इंस्पेक्टर ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर जूता उछाल दिया। वो भी वीआईपी गैलरी से और सुरक्षाकर्मी देखे रह गए। हालांकि जूता उनके करीब से निकल गया।
राज्य के मुख्यमंत्री जैसे जी झंडा फहराकर जनता को संबोधित करने पहुंचे, वहां मौजूद वीआईपी लोगों के बीच बैठे एक सब इंस्पेक्टर ने अपना जूता निकाला और मुख्यमंत्री की ओर उछाल दिया। जूते का रंग भूरा था, लिहाजा इससे साफ जाहिर है कि उसने अपना ही जूता उछाला। मुख्यमंत्री को उसने कथित तौर पर काला झंडा भी दिखाया। इस घटना के बाद युवक को गिरफ्तार कर लिया गया।
घटना के बावजूद मुख्यमंत्री नर्म बने रहे। उन्होंने कहा, "विरोध करने का यह तरीका सही नहीं है लेकिन शुक्र है कि उसने पत्थर नहीं फेंका, बल्कि जूता फेंका। जूते से तो कोई कम से कम घायल नहीं होगा।"
युवाओं के लिए नौकरियों की घोषणा
इस घटना के बावजूद समारोह का आयोजन चलता रहा। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, "11 जून के बाद हुई विरोध प्रदर्शन की घटनाओं में मारे गए लोगों के प्रति मैं संवेदना प्रकट करता हूं। मैं पीड़ित परिवार वालों के साथ हूं। लोगों की मौत पर कोई इतना पत्थर दिल नहीं हो सकता कि उसकी आंखों से आंसू न टपके।"
उन्होंने कहा कि कोई भी आर्थिक मदद या सहायता इन मौतों की भरपाई नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता के हित में राज्य का आर्थिक विकास बहुत जरूरी है। उन्होंने घोषणा की कि अगले कुछ महीनों के भीतर राज्य में 50,000 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। इस मौके पर अब्दुल्ला ने अलगाववादी नेताओं से वार्ता की अपील की और कहा कि जम्मू एवं कश्मीर की समस्या के समाधान में वे अपनी भूमिका का निर्वाह करें।












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