उप्र गोलीबारी में पुलिसकर्मी सहित 2 की मौत
पुलिस ने बताया कि मृतक पुलिसकर्मी की पहचान ब्रिजेंद्र सिंह के रूप में हुई है। वह प्रांतीय सशस्त्र पुलिस (पीएसी) में प्लाटून कमांडर था। जबकि पुलिस की गोली से मारे गए किसान की पहचान प्रशांत के रूप में हुई है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बृजलाल के अनुसार, "प्रदर्शनकारियों ने शनिवार की रात पथराव, हिंसा और आगजनी की तथा तापल गांव में एक पुलिस चौकी व जेपी इंडस्ट्रीज के एक शिविर कार्यालय को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस को गोली चलानी पड़ी।" आठ लेन वाले इस मार्ग के निर्माण का ठेका जेपी इंडस्ट्रीज को दिया गया है।
हिंसा की शुरुआत किसान नेता राम बाबू कथीरिया की गिरफ्तारी के बाद हुई। कथीरिया अधिक मुआवजे की मांग को लेकर तीन दिवसीय विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे।
बताया गया है कि कथीरिया ग्रेटर नोएडा के किसानों को दिए गए मुआवजे की दर से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
अलीगढ़ से शुरू हुई हिंसा तत्काल मथुरा जिले तक फैल गई। मथुरा में भी किसानों ने पुलिस के साथ जम कर संघर्ष किया और कई वाहनों को आग लगा दी।
अलीगढ़ के जिला मजिस्ट्रेट के.आर.मोहन राव के अनुसार, "कुछ प्रदर्शनकारियों की ओर से गोलीबारी शुरू किए जाने के बाद पुलिस को मजबूरन जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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