उमर अब्दुल्ला पर निलंबित हेड कांस्टेबल ने जूता उछाला (लीड-2)
श्रीनगर, 15 अगस्त (आईएएनएस)। स्थानीय बख्शी स्टेडियम में रविवार को स्वाधीनता दिवस समारोह के दौरान एक निलंबित पुलिस हेड कांस्टेबल ने जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर जूता उछाल दिया। इस घटना से बेफिक्र उमर ने कहा कि पत्थर फेंकने की तुलना में जूता फेकना कहीं अच्छा है।
जानकारी के मुताबिक जूता उछालने वाला व्यक्ति जम्मू एवं कश्मीर पुलिस का निलंबित सहायक उप निरीक्षक है। मुख्यमंत्री ने जब सुरक्षा दल की सलामी ले रहे थे तब उसने ठीक पीछे वीआईपी लोगों के साथ बैठे अब्दुल अहद जन ने भूरे रंग का जूता फेंका। मुख्यमंत्री को उसने कथित तौर पर काला झंडा भी दिखाया। इस घटना के बाद युवक को गिरफ्तार कर लिया गया।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "अब्दुल अहद जन दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में निलंबित हेड कांस्टेबल है। उस पर पहले ही एक आपराधिक मामला चल रहा है।"
पुलिस ने कहा कि जन पर सरकार से फर्जी तरीके से मुआवजा लेने का मामला भी चल रहा है।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि निलंबित कर्मचारी को उच्च सुरक्षा क्षेत्र में प्रवेश कैसे दिया गया।
कश्मीर में पिछले कई दिनों से हो रही पत्थरबाजी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने इस घटना के बारे में कहा, "विरोध करने का यह ज्यादा सही तरीका है। शुक्र है कि उसने पत्थर नहीं फेंका, बल्कि जूता फेंका। जूते से कम से कम कोई घायल नहीं हुआ।"
इस घटना के बावजूद समारोह का आयोजन चलता रहा। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, "11 जून के बाद हुई विरोध प्रदर्शन की घटनाओं में मारे गए लोगों के प्रति मैं संवेदना प्रकट करता हूं। मैं पीड़ित परिवारों के साथ हूं। कोई इतना पत्थर दिल नहीं हो सकता कि लोगों की मौत पर उसकी आंखों से आंसू न टपकें।"
उन्होंने कहा कि कोई भी आर्थिक मदद या सहायता इन मौतों की भरपाई नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता के हित में राज्य का आर्थिक विकास बहुत जरूरी है।
उन्होंने घोषणा की कि अगले कुछ महीनों के भीतर राज्य में 50,000 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। इस मौके पर अब्दुल्ला ने अलगाववादी नेताओं से वार्ता की अपील की और कहा कि जम्मू एवं कश्मीर की समस्या के समाधान में वे अपनी भूमिका का निर्वाह करें।
उल्लेखनीय है कि घाटी में अलगाववादियों ने 15 अगस्त को काला दिवस के रूप में मनाने का आह्वाान किया है। इसके मद्देनजर पूरी घाटी में बंद रहा और इससे जनजीवन प्रभावित हुआ।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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