पाकिस्तान बाढ़ : स्थिति भयावह, भारत के मदद के प्रस्ताव पर पशोपेश (लीड-1)
भारत के विदेश मंत्री एस. एम. कृष्णा ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष शाह महमूद कुरैशी से टेलीफोन पर बातचीत के दौरान इस मदद की पेशकश की। इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग की ओर से शुक्रवार को जारी बयान में कहा गया कि इस बातचीत के दौरान कृष्णा ने पाकिस्तान के लोगों की जरूरत के समय सद्भावना का परिचय देते हुए इस मदद का प्रस्ताव दिया।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि भारत के प्रस्ताव पर गौर किया जा रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हमने भारत का प्रस्ताव ठुकराया नहीं है। इस पर जल्द फैसला किया जाएगा।"
उधर, देश के 64वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्र के नाम दिए संबोधन में शनिवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा कि सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती बाढ़ से प्रभावित लगभग दो करोड़ लोगों का पुनर्वास है।
गिलानी ने कहा कि बाढ़ की वजह से खबर-पख्तूनख्वा में सबसे ज्यादा तबाही हुई है। यहां हजारों मकान ढह गए हैं। सड़कें और पुलों के क्षतिग्रस्त होने के साथ ही अरबों की फसल बर्बाद हो गई है।
स्थानीय समाचार पत्र 'जियो न्यूज' के अनुसार गिलानी ने कहा, "मैं विश्व समुदाय से अपील करता हूं कि इस आपदा का सामना करने के लिए मदद बढ़ाए ताकि पाकिस्तान आतंकवाद के सामने तनकर खड़ा रहे सके।"
उन्होंने कहा, "हम 64वां स्वतंत्रता दिवस उस समय बना रहे हैं जब पाकिस्तान एक साथ कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। सबसे प्रमुख चुनौती बाढ़ पीड़ितों का पुनर्वास करना है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, जद्दोजहद कर रही अर्थव्यवस्था और राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करना भी बड़ी चुनौतियां हैं।"
पाकिस्तान में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भयावह बाढ़ का साफ असर देखा गया। यहां जश्न से जुड़े तमाम कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। पाकिस्तान 14 अगस्त, 1947 को अपनी स्थापना के मौके पर हर साल इसी तारीख को जश्न मनाता है। परंतु इस बार नजारा बिल्कुल उलट है। हर कोई गम में है।
पाकिस्तानी राष्ट्रपति के आवास 'ऐवान-ए-सद्र' पर भी स्वतंत्रता दिवस का कोई कार्यक्रम नहीं रखा गया। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी बाढ़ प्रभावित पंजाब, खबर पख्तूनख्वा प्रांतों का दौरा कर रहे हैं।
यहां सेना ने भी स्वतंत्रता दिवस से जुड़े कार्यक्रमों को रद्द कर दिया। कार्यक्रम पर खर्च होने वाली राशि बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए दी जाएगी। सेना आगामी छह सितंबर को रक्षा दिवस भी नहीं मनाएगी।
उधर, पंजाब प्रांत में बने एक बाढ़ राहत शिविर में शनिवार सुबह विषाक्त भोजन करने से एक बच्चे की मौत हो गई और 300 से अधिक लोग बीमार पड़ गए। तौनसा शहर में बने बाढ़ राहत शिविर में लोगों को बासी खाना परोसा गया। शिविर के एक अधिकारी ने बताया कि खाना खाने के बाद कुछ लोग बेहोश हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
गौरतलब है कि पाकिस्तान इन दिनों भयावह बाढ़ का सामना कर रहा है। बाढ़ से 1,600 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 1.4 करोड़ से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। अनुमान है कि बाढ़ से पाकिस्तान को 2.92 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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