कश्मीर में 4 की मौत, मृतकों की संख्या 55 हुई (लीड-2)
एक पुलिस अधिकारी के अनुसार हमला करने वाली भीड़ को तितर-बितर करने में नाकाम रहने पर केंद्रीय रिजर्व बल (सीआरपीएफ) के जवानों ने गोलीबारी की, जिसमें मोहम्मद आरिफ मीर (19) और सुमीर अहमद लोन (18) की मौत हो गई और दो प्रदर्शकारी घायल हो गए।
उन्होंने बताया कि यहां से 59 किलोमीटर दूर बारामूला जिले के सोपोर शहर के निकट बोमाई गांव स्थित सीआरपीएफ के शिविर पर हिंसक भीड़ ने हमला किया।
इससे पहले उत्तरी कश्मीर के त्रेहगाम गांव में कर्फ्यू का उल्लंघन कर रही भीड़ पर सुरक्षा बलों की गोलीबारी में मुदस्सिर अहमद जरगर (21 वर्ष) और पट्टन शहर में 60 वर्षीय अली मुहम्मद खांडे की मौत हो गई।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "खांडे की मौत उस समय हुई, जब बारामूला जिले के पट्टन शहर में कर्फ्यू प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने गोली चलाई। इस घटना में एक प्रदर्शनकारी घायल हो गया।"
शेर-ए-कश्मीर चिकित्सा विज्ञान संस्थान सौरा (एसकेआईएमएस) के एक चिकित्सक ने यहां बताया कि खांडे को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया और काफी प्रयास के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका।
घायल खांडे का उपचार कर रहे चिकित्सक ने कहा, "उनका मस्तिष्क बुरी तरह प्रभावित हो गया था। ऐसा आंसू गैस के सीधे मस्तिष्क में प्रवेश कर जाने या गोली लगने से हुआ होगा।"
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि पट्टन शहर में उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने लाठी, आंसू गैस के कनस्तरों का इस्तेमाल किया तथा हवा में गोलियां दागीं।
बारामूला शहर में सीमेंट के पुल पर पथराव कर रहे दो युवकों को सुरक्षा बलों ने खदेड़ा तो वे झेलम नदी में कूद पड़े और तैरकर सुरक्षित निकल गए।
जरगर की मौत उस समय हुई, जब यहां से 120 किलोमीटर दूर उत्तरी कश्मीर के त्रेहगाम गांव में कर्फ्यू का उल्लंघन कर रही एक एक अन्य भीड़ पर सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की।
पुलिस ने बताया कि त्रेहगाम में दो महिला प्रदर्शनकारी भी घायल हो गईं। उनका एक अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।
दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग शहर, श्रीनगर शहर के बाहरी कस्बे बेमिया और उत्तरी कश्मीर के पलहलान शहर में भी प्रदर्शन होने तथा पथराव कर रही भीड़ और सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष की खबरें हैं।
मीवाइज उमर फारूक के नेतृत्व वाले अलगाववादी संगठन हुर्रियत के धड़े ने पुराने शहर की जामा मस्जिद की ओर विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया तथा सैयद अली गिलानी के नेतृत्व वाले हुर्रियत ने भी पुराने शहर की पाथर मस्जिद की ओर जुलूस निकालने का आह्वान किया। इसको देखते हुए प्रशासन ने शुक्रवार को ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर से कोई कर्फ्यू प्रतिबंध नहीं हटाया।
फारूक सहित सैकड़ों लोग जुम्मे की नमाज अदा करने जामिया मस्जिद पहुंचे, जबकि गिलानी को सीने में दर्द की शिकायत के बाद एसकेआईएमएस में भर्ती कराया गया।
प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने बटमालू इलाके से श्रीनगर के जहांगीर चौक तक जुलूस निकाला।
श्रीनगर और घाटी के अन्य प्रमुख शहरों में दुकानें, शैक्षिक संस्थान, बैंक, डाकघर और अन्य कारोबारी संस्थान बंद रहे तथा सार्वजनिक वाहन नहीं चले।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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