धारी देवी मंदिर को डूबने नहीं देंगे : निशंक
गंगा किनारे बने प्राचीन मंदिर के अस्तित्व को बचाने की लड़ाई लड़ने के लिए सोमवार को पूर्व मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता मोहन सिंह गांववासी के नेतृत्व में हजारों साधु-संतों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं पर्यावरणविदों ने मंदिर स्थल पर धरना दिया।
मोहन सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें फोन पर बताया कि वे इस मसले पर उच्चस्तरीय जांच कमेटी बनाएंगे। उन्होंने कहा कि मंदिर को डूबने से बचाने के लिए वह हर लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। यह आस्था का विषय है और आंदोलन साधु समाज का है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि श्रीनगर जलविद्युत परियोजना के कारण मंदिर का अस्तित्व खतरे में है। उनकी मांग है कि नदी के जलस्तर को धारी देवी मंदिर स्थल से दस मीटर नीचे लाया जाए। इससे पूर्व एक अगस्त को पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद और प्रमुख अर्थशास्त्री डा. भरत झुनझुनवाला भी इस मुद्दे पर धरना दे चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि श्रीनगर जलविद्युत परियोजना 1985 में स्वीकृत की गई थी। इसकी ऊंचाई पहले 63 मीटर थी, जिसे अब 95 मीटर करने की योजना है। इसका कारण मंदिर के अस्तित्व खतरा बताया जा रहा है। वैसे भी मंदिर के पास तेज बहाव के कारण भारी कटाव रहता है। कहा जा रहा है कि परियोजना शुरू हो जाने के बाद कटाव और बढ़ेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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