हिरोशिमा पर परमाणु बम हमले की 65वीं बरसी आज (लीड-1)
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार मानवता के खिलाफ पहली बार इस्तेमाल हुए परमाणु हथियारों ने पश्चिमी जापान के शहर हिरोशिमा में भारी तबाही मचा दी थी। वर्ष 1945 के अंत तक इस हमले के कारण करीब 140,000 लोग मारे गए थे।
विकिरण से प्रभावित और पिछले वर्ष मरने वाले 5,501 लोगों के नाम भी स्मारक स्थल पर जोड़ दिए जाने के बाद इस हमले के पीड़ितों की संख्या बढ़कर 269,446 हो गई है।
बम हमले की 65वीं बरसी पर 'पीस मेमोरियल पार्क' में समारोह का आयोजन हुआ और मारे गए लोगों की याद में एक मिनट का मौन रखा गया।
हिरोशिमा के मेयर तादातोशी अकीबा का कहना है कि तीन गैर परमाणु सिद्धांतों का पालन करते हुए जापान को न तो परमाणु हथियारों का उत्पादन करना चाहिए और न ही इस तरह के हथियार अपने पास रखने चाहिए।
वैसे प्रधानमंत्री नाओटो कान ने समारोह के बाद एक प्रेस सम्मेलन में कहा, "मेरा विश्वास है कि हमारे देश के लिए परमाणु शक्ति संतुलन जरूरी है।"
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून, 70 देशों के प्रतिनिधि और जापान में अमेरिका के राजदूत जान रूज भी समारोह में शामिल हुए। मून इस समारोह में शामिल होने वाले पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव और रूज पहले अमेरिकी राजदूत हैं।
मून ने कहा कि हम सभी सामूहिक विनाश के हथियारों से मुक्त दुनिया की यात्रा पर एक साथ आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा, "यह सुरक्षित दुनिया के लिए एकमात्र समझदारीपूर्ण रास्ता है। जब तक परमाणु हथियार मौजूद हैं तब तक हम एक परमाणु छाया में रहेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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