दंतेवाड़ा में मुठभेड़ खत्म, सभी जवान सुरक्षित लौटे
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा के जंगलों में नक्सली और पुलिस के जवानों के बीच जारी मुठभेड़ अब खत्म हो चुकी है और सभी जवान सुरक्षित वापस आ गए हैं। सशस्त्र नक्सलियों के साथ शुरु हुई मुठभेड़ लगभग छह घंटे बाद शाम को खत्म हुई। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि लापता बताए गए सभी 70 पुलिसकर्मी सुरक्षित हैं।
राज्य पुलिस महानिदेशक के मुताबिक "सुबह 11 बजे शुरू हुई मुठभेड़ शाम तक चली। हमारे साहसी जवानों ने बहादुरी दिखाई। मुठभेड़ अब खत्म हो गई है तथा सभी पुलिसकर्मी सुरक्षित हैं। वे वापस लौट रहे हैं, लेकिन धीरे-धीरे कदम बढ़ा रहे हैं, क्योंकि सूर्यास्त के बाद जंगली रास्ते में बारूदी सुरंग बिछे होने या बम रखे होने की आशंका रहती है।
उन्होने कहा, "शुरुआती दौर में हमारे बलों ने पांच नक्सलियों को निशाना बनाया। इसके बाद नक्सली पहाड़ी पर चढ़ गए और उन्होंने जवाबी हमला करने का प्रयास किया लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली।" पुलिस मुख्यालय से मुठभेड़ की निगरानी कर रहे पुलिस महानिदेशक ने कहा कि नक्सलियों के हमले का जवाब देने के लिए 100 पुलिसकर्मी तैनात किए गए और बाद में 75 अन्य सदस्य भी भेजे गए।
बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक ने बताया, "वास्तव में यह बड़ी राहत है..छह घंटों चली मुठभेड़ के दौरान हमने नक्सलियों को कोई मौका नहीं दिया कि वे हमें पछाड़ सकते। यह अच्छी खबर है कि हमारे सभी जवान सुरक्षित हैं।"
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से करीब 420 किलोमीटर दूर किरांदुल के निकट गुमियापाल के घने जंगलों में तलाशी अभियान पर निकले राज्य पुलिस के दल पर नक्सलियों द्वारा हमला किए जाने के बाद मुठभेड़ शुरू हुई। किरांदुल में भारत की सबसे बड़ी लौह अयस्क उत्पादक कंपनी एनएमडीसी लिमिटेड का लौह अयस्क खनन संयंत्र है।












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