उत्तर प्रदेश में मंडराया बाढ़ का खतरा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। राज्य में गंगा, यमुना, शारदा, घाघरा, रामगंगा और अन्य नदियां उफान पर हैं। एक-दो स्थानों पर नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर भी पहुंच गया है। लखीमपुर खीरी, बहराइच, बदांयू, पीलीभीत, बाराबंकी और सीतापुर जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस चुका है।
लखीमपुर खीरी के अपर जिलाधिकारी के मुताबिक "नेपाल की सुहेली और मुहाना नदियों व बनबसा बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण जिले में शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से तीन सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है।" जबकि नदी से सटे निचले इलाकों के पांच-छह गांवों में नदी का पानी घुस गया है, लेकिन स्थिति अभी नियंत्रण में है।
बहराइच और बाराबंकी में घाघरा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। बहराइच के अपर जिलाधिकारी ने बताया, "जिले के गिरिजा बैराज पर घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से दो सेंटीमीटर नीचे बह रहा है। फिलहाल जिले में बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं। घाघरा नदी से सटे कुछ इलाकों के खेतों में नदी का पानी जरूर प्रवेश कर गया है। बाराबंकी जिले के कुछ गांवों में भी घाघरा नदी का पानी घुस गया है। "
बदायूं में गंगा और रामगंगा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है हालांकि दोनों नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं। आने वाले दिनों में अगर बाढ़ जैसे हालात पैदा हुए तो जिला प्रशासन उसके लिए पूरी तरह से तैयार है। राज्य सरकार की तरफ से पिछले दिनों बाढ़ संभावित 20 जिलों के लिए 12 करोड़ रूपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की गई है।












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