ऑनर किलिंग पर 3 को आजीवन कारावास
नई दिल्ली | 20 साल पहले किये गए गुनाहों की सजा अंत में अपराधियों को भुगतनी ही पड़ी। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के तीन लोगों कृष्णा, किशोरी और रामसेवक को अपने पड़ोसी के घर के 6 सदस्यों की हत्या के अपराध में आजीवन कारावास की सजा दी है।
वर्ष 1991 में उत्तर प्रदेश के फरुर्खाबाद जिले के लखनपुर गांव के कृष्णा की बेटी सोनतारा के गांव के ही एक युवक अमर सिंह के साथ भाग जाने पर कृष्णा ने अपने पड़ोसी गुलजारी की पत्नी रामवती पर इल्जाम लगाया कि उसकी बेटी को रामवती ने घर से भगाया है और रामवती को अल्टीमेटम दिया कि यदि सोनतारा घर नहीं लौटी तो कोई भी जिंदा नहीं बचेगा।
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सोनतारा के घर ना लौटने पर कृष्णा, रामसेवक और किशोरी ने रामवती के घर में घुस कर देशी तमंचे से गुलजारी और रामवती और उनके तीन लड़कों राकेश, उमेश और धर्मेंद्र सहित रामवती के भाई बाबूराम को मौत के घाट उतार दिया।
ऑनर किलिंग के इस हृदय विदारक केस में सुप्रीम कोर्ट ने अपराधियों को आजीवन कारावास की सजा देते हुए कहा कि उन्हे मौत की सजा मिलनी चाहिए लेकिन ऐसे अपराधियों को तुरंत मौत के घाट उतार देने से अच्छा है कि वह अपनी पूरी जिंदगी कारागार में रह कर अपने गुनाहों पर प्रायश्चित करते हुए बिताएं।












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