पाक में बाढ़ से भारी तबाही, 10 लाख बेघर

मानवाधिकार एजेंसी का कहना है कि इन ज़िलों में खाना, पीने के लिए साफ़ पानी, टेंट और मेडिकल सुविधाओं की सख्त आवश्कता है. पाकिस्तान में विश्व स्वास्थ्य संगठन के कार्यकारी प्रमुख डॉक्टर अहमद फराह का कहना है कि हैजे की मामलों की पुष्टि तो नहीं हुई है लेकिन परिस्थितियाँ ऐसी बीमारियों के लिए अनुकूल हैं.
आशंका जताई जा रही है कि बेघर हुए लोगों में दस्त और हैजा फैल सकता है. लोगों को खाना ठीक से नहीं मिल रहा है और बाढ़ के कारण पानी दूषित हो चुका है. अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस संस्था का कहना है कि ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा में आई भीषण बाढ़ से 25 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और अब तक 1100 लोगों की मौत हो चुकी है. राहतकर्मियों को लोगों तक पहुंचने में बेहद परेशानी हो रही है जो बाक़ी इलाक़ों से कटे हुए हैं.
रेड क्रॉस ने एक बयान में कहा है, जो इलाक़े बुरी तरह प्रभावित हुए हैं वहाँ पूरे के पूरे गाँव बारिश से बह गए हैं. ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा के सूचना मंत्री मियाँ इफ़्तिखार हुसैन ने कहा है कि राहतकर्मी स्वात घाटी में फँसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि स्वात के कुछ इलाक़ों में हैजा फैलने की ख़बरें भी मिल रही हैं.
गंभीर स्थिति
बाढ़ प्रभावित इलाक़े नौशेरा से बीबीसी संवाददाता हफ़ीज़ चाचड़ का कहना है कि हालत बहुत ख़राब है. इस इलाक़े में बाढ़ का पाँच-छह फुट पानी भरा हुआ है और हर तरफ तबाही के निशान नज़र आ रहे हैं. राहतकर्मियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती लोगों तक पहुँचना है क्योंकि ज़्यादातर इलाक़े कटे हुए हैं.
कई इलाक़ों में बारिश रुक गई है पर अब भी बहुत से इलाक़े पानी में डूबे हुए हैं. पाकिस्तानी सेना का कहना है कि उसने पिछले कुछ दिनों में 28 हज़ार लोगों को बचाया है. उसका कहना है कि राहत कार्य और लोगों को बचाने में समय लगेगा क्योंकि ये दूरदराज के इलाक़े हैं. सेना ने कहा है कि उसने 30 हज़ार सैनिक और 35 हेलिकॉप्टर राहत और बचाव कार्य में लगाए हैं. बाढ़ से निपटने के लिए पाकिस्तान सरकार को दुनियाभर से मदद मिल रही है. संयुक्त राष्ट्र और अमरीका ने पाकिस्तान को एक करोड़ डॉलर की मदद की घोषणा की है वहीं चीन भी मदद के लिए आगे आया है.












Click it and Unblock the Notifications