आस्ट्रेलियाई महिला के लिए 'देवदूत' साबित हुए रविंद्र अनेजा

आस्ट्रेलियाई महिला लिंडा विबर्ले की मां की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए हरियाणा के अनेजा ने सैकड़ों मील का सफर तय कर हरिद्वार में गंगा नदी में उनकी मां की अस्थियों को प्रवाहित किया।

वर्ष 1945 में लाहौर में पैदा हुई लिंडा की मां जिल विलेर्स का दो साल महले पश्चिमी आस्ट्रेलिया के माउंट बार्कर में निधन हो गया था। मरने से पहले उन्होंने यह इच्छा जाहिर की थी कि उनकी अस्थियां गंगा में प्रवाहित की जाएं।

राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भारत आईं आस्ट्रेलियाई साइकिलिंग टीम की मैनेजर और जिल की बेटी लिंडा विबेर्ली पिछले सप्ताह नई दिल्ली पहुंची थी। लिंडा ने यहां आने के दौरान ही अपनी मां की अंतिम इच्छा को पूरा करने की योजना भी बनाई थी। काम में व्यस्तता के कारण हालांकि लिंडा मां की अस्थियों को हरिद्वार नहीं ले जा सकीं।

पिछले सप्ताह नई दिल्ली में विबेर्ली ने संवाददाताओं को बताया, "मेरी मां भारत से हैं और वह लाहौर में पैदा हुईं थीं। वह चाहती थीं कि उनकी अस्थियां गंगा में प्रवाहित की जाएं। यह मेरी पहली भारत यात्रा है, और उनकी इच्छा पूरी करने के लिए मैं अपने साथ उनकी अस्थियां भी ले आई हूं लेकिन व्यस्त होने के कारण यह काम असंभव लग रहा है।"

अपनी मां के प्रति इस भावना को देखकर हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यालय में क्लर्क के तौर पर काम करने वाले रविंदर कुमार अनेजा ने विबर्ले से संपर्क कर उनकी इच्छा पूरी करने के लिए मदद देने का प्रस्ताव रखा।

इसके बाद अनेजा अपने खर्चे पर हरिद्वार गए और लिंडा की मां की अस्थियों को गंगा में प्रवाहित किया।

अनेजा ने सोमवार को बताया, "मैने ऐसा सिर्फ मानवता के नाते किया है।" अनेजा के प्रयास के बारे में विबर्ले ने कहा, "मेरी मां की इच्छा पूरी करने के लिए भगवान ने एक देवदूत भेज दिया।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

**

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+