कराची में हिंसा में मरने वालों की संख्या 30 हुई (लीड-1)
इस्लामाबाद, 3 अगस्त (आईएएनएस)। पाकिस्तान के कराची में सोमवार को मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) के एक नेता रजा हैदर की हत्या के बाद भड़की हिंसा में अब तक 30 लोग मारे जा चुके हैं जबकि 60 से ज्यादा घायल हुए हैं।
अज्ञात हमलावरों ने निजामाबाद इलाके में उनकी उस समय हत्या कर दी जब वह एक जनाजे में सरीक होने गए थे।
एमक्यूएम के नेता 51 वर्षीय रजा हैदर का कराची राजनीतिक गढ़ था। रजा वर्ष 2008 में पहली बार प्रांतीय एसेंबली के लिए चुने गए थे।
अब्बासी शहीद अस्पताल के एक कानूनी अधिकारी सिराज अली के मुताबिक रजा को छह गोलियां लगी थीं जिनमें दो उनके सिर में लगीं थीं।
इस हत्या के तुरंत बाद कराची, हैदराबाद और सिंध के अन्य शहरों में हिंसा भड़क उठी। प्रदर्शनकारियों ने दर्जनों वाहनों को आग के हवाले कर दिया और कई पेट्रोल पंपों में आग लगा दी।
समाचार पत्र 'पाक ट्रिब्यून' ने पुलिस अधिकारी हामिद प्रियार के हवाले से लिखा है कि अब तक 30 लोग मारे जा चुके हैं। उन लोगों ने 11 शवों को सिविल अस्पताल कराची से, 11 ही जिन्ना पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल सेंटर से, पांच अब्बासी शहीद से और दो शवों को ओरांगी कस्बे में स्थित कतर अस्पताल से हासिल किया है। हिंसा में 60 से ज्यादा लोग घायल हैं।
पुलिस की तरफ से हिसा पर काबू करने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है और लोगों को घरों में ही रहने को कहा गया है।
उधर, एमक्यूएम के मुखिया अल्ताफ हुसैन ने लंदन से अपने एक संदेश में रजा की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया और इसे पार्टी के लिए बड़ी क्षति करार दिया।
एमक्यूएम के नेताओं फैसल सब्जवारी और वसीम आफताब ने मीडिया से कहा कि रजा को कुछ समय से धमकी मिल रही थी। इन नेताओं ने अवामी नेशनल पार्टी (एएनपी) पर इस हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया।
एएनपी के सिंध प्रांत के अध्यक्ष शाही सैय्यद ने हालांकि इन आरोपों का खंडन किया और कहा कि दुख की इस घड़ी में वे एमक्यूएम के साथ हैं।
सिंध के गृह मंत्री जुल्फिकार मिर्जा ने पुलिस महानिरीक्षक को इस हत्या की जांच करने का निर्देश दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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