भारत में होगी म्यांमार के शासक की शानदार अगवानी
नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। पड़ोस में चीन की बढ़ती ताकत के मद्देनजर भारत, म्यांमार के सैन्य शासक सीनियर जनरल, थान श्वे की रविवार को शानदार अगवानी करेगा। श्वे पांच दिनों के सरकारी दौरे पर भारत आ रहे हैं।
बातचीत के लिए दिल्ली पहुंचने से पहले थान श्वे (77) बिहार के बोध गया जाएंगे। वह म्यांमार के प्रसिद्ध बौद्ध मंदिर, आनंद टेंपल के जीर्णोद्धार में भारत से मदद भी मांगेंगे।
राज्य शांति एवं विकास परिषद (एसपीडीसी) के प्रमुख थान श्वे मंगलवार को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा सहित कई भारतीय नेताओं से मुलाकात करेंगे।
जानकार सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत के दौरान आतंकवाद से मुकाबले में सहयोग वृद्धि, एजेंडे में एक प्रमुख मुद्दा होगा।
भारतीय खुफिया सूत्रों ने संकेत दिया है कि म्यांमार द्वारा चलाए गए अभियान के बावजूद भारत के पूर्वोत्तर हिस्से से आतंकी, लगातार भारत-म्यांमार सीमा पर शरण ले रहे हैं।
अधिकारियों को उम्मीद है कि इस दौरे के बाद दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग, व्यापार और परिवहन संपर्क में बढ़ोतरी होगी।
भारत, संभवत: मंडालय और तामू जैसे व्यापारिक केंद्रों में चीनी व्यापारियों की उपस्थिति को लेकर अपनी चिंता जाहिर करेगा। चीनी व्यापारियों की उपस्थिति के कारण म्यांमार के उन इलाकों में तमिल प्रवासियों की उपस्थिति प्रभावित हो रही है।
थान श्वे का दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर सैन्य शासन की आलोचना हो रही है और हाल ही में अमेरिका ने सैन्य शासन से जुड़ी कंपनियों के साथ व्यापार पर नया प्रतिबंध लगा दिया है।
भारत को म्यांमार के सैन्य शासन की पश्चिमी देशों द्वारा की जा रही आलोचनाओं की जानकारी है, लेकिन भारत का मानना है कि उसके ऊर्जा और सुरक्षा हित इस बात की मांग करते हैं कि वह म्यांमार से अपने संबंध तोड़ने के बदले उसके साथ जुड़ा रहे। म्यांमार 1988 से चीन के एक प्रमुख भागीदार के रूप में तथा चीनी सैन्य साजोसामान के एक सबसे बड़े ग्राहक के रूप में उभरा है।
इंडो-एशियन न्यूज सविस।












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