सोहराबुद्दीन मामला : अमित शाह की मुश्किलें बढ़ीं, अग्रिम जमानत अर्जी खारिज (लीड-3)
सीबीआई द्वारा सम्मन जारी किए जाने के बावजूद शाह दूसरे दिन भी पूछताछ के लिए सीबीआई के समक्ष पेश नहीं हुए थे। इससे पहले गुरुवार को शाह और उनके वकील महेश जेठमलानी ने सीबीआई के सामने पेश होने का बयान दिया था।
सीबीआई ने शाह को पेश होने के लिए शुक्रवार दोपहर एक बजे तक की मोहलत दी थी, लेकिन शाह ने सीबीआई के विशेष न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की। न्यायालय ने शुक्रवार दोपहर बाद अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।
शुक्रवार को सीबीआई के समक्ष खुद हाजिर होने की बजाय शाह ने अपने वकील मितेश अमीन को भेजा था। अमीन ने प्रश्नावली मांगी लेकिन सीबीआई ने उन्हें इसे देने से इंकार कर दिया।
शाह पर हत्या और आपराधिक षडयंत्र रचने का आरोप लगाया गया है। जांच एजेंसी ने शाह के पूछताछ के लिए उसके समक्ष पेश न होने के बाद चौदास्मा के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने का कदम उठाया।
इस आरोप पत्र में 18 आरोपियों का नाम शामिल किया गया है जिनमें से 15 पहले से ही जेल में हैं, जेल से बाहर के 3 लोगों में ही कथित रूप से अमित शाह का नाम शामिल है।
उल्लेखनीय है कि गुजरात के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने नवंबर 2005 को सोहराबुद्दीन को एक कथित फर्जी मुठभेड़ में मार दिया था। उसकी पत्नी कौसर बी तभी से लापता है। राज्य पुलिस का दावा है कि सोहराबुद्दीन लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी था।
इस वर्ष 12 जनवरी को सर्वोच्च न्यायालय ने इस 'मुठभेड़' में शामिल गुजरात और राजस्थान के पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया था। इस मामले में 15 पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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