पेश नहीं हुए शाह, भाजपा ने ठुकराया मनमोहन का निमंत्रण (लीड-1)
दूसरी ओर गुजरात के गृह मंत्री अमित शाह इस मामले में सम्मन भेजे जाने के बावजूद सीबीआई के सामने शुक्रवार को पेश नहीं हुए।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि गुजरात के गृह राज्य मंत्री अमित शाह को सीबीआई द्वारा सम्मन भेजने की कार्यवाही राजनीति से प्रेरित है।
उन्होंने कहा "प्रधानमंत्री की ओर से हमें आज (शुक्रवार) दोपहर के भोजन का निमंत्रण मिला था। इसमें (लालकृष्ण)आडवाणी जी, (अरुण) जेटली, मुझे और हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी को शामिल होना था।"
सुषमा ने कहा, "आप सभी जानते हैं कि हमने पहले भी केंद्र सरकार द्वारा सीबीआई का दुरुपयोग करने की बात कही है। गुजरात में भी सीबीआई का दुरुपयोग किया जा रहा है।
सीबीआई के इसी दुरुपयोग के विरोध में हमने प्रधानमंत्री की ओर से दिए भोज पर न जाने का फैसला किया है। आडवाणी जी ने वित्त मंत्री को आज सुबह इसके बारे में फोन पर बता दिया था। वैसे हमने प्रधानमंत्री कार्यालय को भी इसकी जानकारी दे दी है।"
सोमवार से आरंभ हो रहे संसद के मानसूत्र सत्र से पहले विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री ने भाजपा नेताओं को भोजन पर आमंत्रित किया था।
सुषमा ने कहा, "अपने विरोधियों को प्रताड़ित करने के लिए सरकार सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है। इससे पूरा राजनीतिक माहौल दूषित हो रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास पर दोपहर के भोजन पर जाना हमारे लिए शर्मनाक स्थिति होती।"
सुषमा के साथ संवाददाता सम्मेलन में राज्यसभा मे विपक्ष के नेता अरुण जेटली और पार्टी महासचिव रविशंकर प्रसाद भी मौजूद थे। जेटली ने भी केंद्र सरकार पर सीबीआई का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।
जेटली ने कहा, "गुजरात पुलिस की जांच में भी शाह के खिलाफ कुछ नहीं निकला। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त स्वतंत्र जांचकर्ता भी दूसरी चरण की जांच में शाह के खिलाफ कुछ नहीं पा सके।
अब निराधार तथ्यों को आधार बनाकर सीबीआई के जरिए राजनीतिक एजेंडा पूरा किया जा रहा है। यह सरकार की एक साजिश है।"
उधर, शुक्रवार को सीबीआई के समक्ष खुद हाजिर होने की बजाय शाह ने अपने वकील मितेश अमीन को भेजा। अमीन ने प्रश्नावली मांगी लेकिन सीबीआई ने उन्हें इसे देने से इंकार कर दिया। सीबीआई ने उन्हें सम्मन भेजा था।
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाने वाले शाह पर
सोहराबुद्दीन की फर्जी मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों को फोन करने का आरोप है।
राज्य पुलिस का दावा है कि सोहराबुद्दीन लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी था। गुजरात के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने उसे 26 नवंबर 2005 को एक कथित फर्जी मुठभेड़ में मार गिराया था। उसकी पत्नी कौसर बी तभी से लापता है।
इस वर्ष 12 जनवरी को सर्वोच्च न्यायालय ने इस 'मुठभेड़' में शामिल गुजरात और राजस्थान के पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया था। इस मामले में 15 पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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