आवास क्षेत्र पर श्वेत पत्र लाएगी सरकार

आवास एवं शहरी गरीबी निवारण विभाग की सचिव किरण धींगरा ने कहा, "शहर और कस्बों का विस्तार किसी मान्य प्रारूप के बजाय स्वस्फूर्त आधार पर हो रहा है। भूमि के उपयोग के इन सभी मुद्दों पर पुनर्विचार की आवश्यकता है। हम इस विषय पर श्वेत पत्र लाने की प्रक्रिया में हैं।"

श्वेत पत्र में शहरों के समावेशी विकास, रियल एस्टेट क्षेत्र का नियमन, नए शहरों का निर्माण, डेवलपर और खरीदारों को कर छूट जैसे सभी मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट की जाएगी। यह श्वेत पत्र जनता की राय जानने के लिए जारी किया जाएगा।

राजधानी में गुरुवार को पीएचडी चैंबर द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में धींगरा ने कहा कि देश में शहरों के विस्तार की योजनाएं बनाने की जरूरत है ताकि मकानों की कमी की समस्या से निपटा जा सके।

उन्होंने कहा, "हमें नए शहरों और कस्बों को विकसित करने की आवश्यकता है लेकिन ये पुरानों शहरों के सहायक की तरह नहीं होने चाहिए बल्कि इन्हें रोजगार केंद्रों के आसपास बसाया जाना चाहिए। "

उन्होंने कहा कि शहरी भूमि नीति की समीक्षा की जा रही है और शहर विकास संस्थाओं को भी अपने आप को देश में 1991 में स्वीकार की गई आर्थिक नीति के अनुरूप परिवर्तन लाने की जरूरत है।

मंत्रालय भारतीय रिजर्व बैंक के सहयोग से देश के सभी शहरी इलाकों के लिए हाउसिंग स्टार्ट-अप सूचकांक शुरू करने जा रहा है। इस सूचकांक से सभी प्रदेशों में निर्माण की मंजूरियों की संख्या और वास्तविक निर्माण के आंकड़ों के जरिए मांग-आपूर्ति का अंतर स्पष्ट होगा।

धींगरा ने कहा, "हाउसिंग क्षेत्र की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए इस सूचकांक को स्थापित करने का कदम काफी महत्वपूर्ण होगा। आर्थिक विकास की गणना के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण संकेतक होगा।"

उन्होंने हालांकि इस सूचकांक की शुरुआत और श्वेत पत्र लाने के लिए किसी समयावधि को स्पष्ट नहीं किया।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+