अच्छी पैदावार से सेब की कीमतों में गिरावट
दरअसल, बाजार में सेब की बेहतरीन किस्मों के पैदावार के आ जाने के बावजूद कीमतों में उछाल नहीं आ सका है। महीने की शुरुआत में सेब के बाजार में आने के कुछ सप्ताह बाद ही कीमतों में गिरावट आने लगी है।
व्यापारियों का कहना है कि इस साल भारी तादाद में सेब की पैदावार होने के बावजूद किसानों को पिछले साल की तरह अच्छा मूल्य नहीं मिल पा रहा है।
बागवानी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस साल सेब का रिकॉर्ड उत्पादन 20-20 किलोग्राम के तीन करोड़ डिब्बे होने का अनुमान है। पिछले साल उत्पादन लगभग आधा 1.4 करोड़ डिब्बे ही था।
शिमला के नजदीक ढाली में सेब बाजार समिति के अध्यक्ष ज्ञान सिंह चंदेल कहते हैं, "ज्यादा उत्पादन उत्पादकों के लिए अच्छा नहीं है क्योंकि अच्छी किस्में आने के बावजूद कीमतें नहीं बढ़ती हैं।"
उन्होंने कहा, "इस सप्ताह 'रॉयल डीलिशियस' सेब के प्रत्येक डिब्बे का मूल्य 1,000 रुपये मिला जबकि पिछले साल ढाली बाजार में ही इनका मूल्य 2,000 रुपये प्रति डिब्बा था। इसी तरह 'रिच-ए-रिच' किस्म की कीमत 1,000 रुपये प्रति डिब्बा मिली जबकि पिछले साल यह 1,800 रुपये प्रति डिब्बा थी।"
दिल्ली के आजादपुर स्थित एशिया के सबसे बड़े फल बाजार में अच्छी किस्म के सेब के प्रति डिब्बे की बिक्री पर ढाली से 200 से 300 रुपये ज्यादा मिलते हैं।
बागवानी निदेशक गुरदेव सिंह कहते हैं कि प्रति दिन औसतन 1.50 लाख डिब्बे राज्य से बाहर भेजे जाते हैं।
उन्होंने कहा, "हम उत्पादकों को सलाह देते हैं कि जल्दबाजी में पैदावार बाजार में न लाएं और बाजार में सही मूल्य मिलने का इंतजार करें।"
अब तक 12 लाख डिब्बे राज्य से बाहर भेजे जा चुके हैं। पिछले साल इस समय तक केवल 33,000 डिब्बे ही भेजे जा सके थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications