पिछले दो दशक के 43 प्रमुख रेल हादसे
28 मई, 2010: पश्चिम बंगार के झारग्राम में संदिग्ध नक्सलियों ने एक रेल लाइन पर तोड़-फोड़ की जिसके परिणामस्वरूप एक यात्री गाड़ी पटरियों से उतर गई और एक मालगाड़ी से टकरा गई। हादसे में 150 लोग मारे गए।
2 जनवरी, 2010 : उत्तर प्रदेश में घने कोहरे के कारण हुई दो अलग-अलग दुर्घटनाओं में चार लोग मारे गए और 40 से ज्यादा घायल हुए।
21 अक्टूबर, 2009 : उत्तर प्रदेश में मथुरा के नजदीक दो रेलगाड़ियों के टकराने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए।
11 जुलाई, 2006 : खचाखच भरी मुंबई की लोकल ट्रेनों में सात शक्तिशाली बम विस्फोट हुए। कम से कम 137 लोग मारे गए और 300 से ज्यादा घायल हुए।
29 अक्टूबर, 2005 : आंध्र प्रदेश के नलगोंडा जिले में एक यात्री रेलगाड़ी के पटरी से उतरकर तेज बहाव वाली नदी में गिर जाने से कम से कम 100 लोगों की मौत हो गई।
16 जून, 2004 : मुंबई को जाने वाली मत्स्यगंधा एक्सप्रेस के महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में एक पुल पर पटरी से उतर जाने की वजह से 20 लोग मारे गए और 60 से ज्यादा घायल हुए।
2 जुलाई, 2003 : आंध्र प्रदेश में एक पुल पर से गुजरती एक रेलगाड़ी के इंजन और दो डिब्बों के पुल के नीचे से गुजरते लोगों और मोटरसाइकिल चालकों के ऊपर गिरने से कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई।
22 जुलाई, 2003 : कोंकण रेलवे का पहला बड़ा रेल हादसा रहा। महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में करवर-मुंबई सेंट्रल हॉलिडे स्पेशल रेलगाड़ी के इंजन और तीन डिब्बों के पटरी से उतर जाने से हुए हादसे में तीन बच्चों सहित 53 लोग मारे गए और 25 घायल हुए।
15 मई, 2003 : एक स्टोव के फटने से लगी आग पंजाब में तेजी से जा रही एक रेलगाड़ी में फैल गई। हादसे में 40 लोग मरे और 50 से ज्यादा घायल हुए।
3 जनवरी, 2003 : दक्षिण-मध्य महाराष्ट्र में एक एक्सप्रेस रेलगाड़ी के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे में 18 लोग मरे।
10 सितंबर, 2002 : कोलकाता-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के बिहार में एक पुल पर पटरी से उतरने पर हुए हादसे में 120 लोग मारे गए।
4 जून, 2002 : रेलवे क्रॉसिंग पर कासगंज एक्सप्रेस के एक बस से टकरा जाने से 34 लोगों की मौत हो गई।
12 मई, 2002 : नई दिल्ली-पटना श्रमजीवी एक्सप्रेस के उत्तर प्रदेश के जौनपुर में एक पुल से गुजरते समय पटरी से उतर जाने से 12 लोग मारे गए।
22 जून, 2001 : मैंगलोर-चेन्नई मेल के केरल में कोझिकोड के नजदीक काडालुंडी नदी में गिरने से 40 लोग मारे गए।
3 दिसम्बर, 2000 : पंजाब में सराई बंजारा और साधुगढ़ के बीच हावड़ा-अमृतसर मेल के एक मालवाहक रेलगाड़ी से टकरा जाने से हुए हादसे में 46 लोगों की मौत हो गई और 130 से ज्यादा घायल हुए।
2 अगस्त, 1999 : उत्तरी फ्रंटियर रेलवे के कटिहार डिवीजन पर अवध-असम एक्सप्रेस और ब्रह्मपुत्र मेल के एक-दूसरे से भिड़ जाने पर हुए हादसे में 286 लोग मारे गए और 359 घायल हुए।
16 जुलाई, 1999 : चेन्नई से आ रही और दिल्ली को जाने वाली ग्रांड ट्रंक एक्सप्रेस के मथुरा के नजदीक एक मालगाड़ी से टकरा जाने से हुए हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई और 200 से ज्यादा घायल हुए।
5 सितंबर, 1992 : मध्य प्रदेश के रायगढ़ के नजदीक हुए रेल हादसे में 41 मरे।
31 अक्टूबर, 1991 : कर्नाटक में मकालीगुर्गा के नजदीक कर्नाटक एक्सप्रेस के पटरी से उतरने से हुई दुर्घटना में 30 लोग मारे गए।
10 अक्टूबर, 1990 : आंध्र प्रदेश के चेरपल्ली के नजदीक एक रेलगाड़ी के आग पकड़ने से हुए हादसे में 40 लोग मरे।
25 जून, 1990 : बिहार के डाल्टेनगंज के मंगरा में एक मालगाड़ी के सवारी रेलगाड़ी से टकराने से 60 लोग मारे गए।
6 जून, 1990 : आंध्र प्रदेश के गोलागुडा में एक रेल दुर्घटना में 35 मरे।
16 अप्रैल, 1990 : पटना के नजदीक एक रेलगाड़ी में आग से 70 लोगों की जलकर मौत।













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