ठाकरे का महाराष्ट्र की ओर से लड़ने का अंतुले से आग्रह
मुंबई, 18 जुलाई (आईएएनएस)। शिव सेना प्रमुख बाल ठाकरे ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री, ए.आर. अंतुले से आग्रह किया है कि वह महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद के मामले में अपनी कानूनी विशेषज्ञता और ज्ञान उपलब्ध कराएं। यह मामला फिलहाल सर्वोच्च न्यायालय में है।
सेना सांसद संजय राउत ने आईएएनएस को बताया कि ठाकरे ने अंतुले को शनिवार देर रात बांद्रा स्थित अपने आवास, मातोश्री पर खासतौर से आमंत्रित किया और उनसे निवेदन किया कि वह सर्वोच्च न्यायालय में महाराष्ट्र के पक्ष को मजबूत बनाने के लिए अपनी कानूनी विशेषज्ञता और लंबे राजनीतिक व प्रशासनिक अनुभव का इस्तेमाल करें।
राउत ने कहा, "अंतुले ने भी जरूरत पड़ने पर राज्य के सरकारी वकीलों को मामले में दिशा निर्देश देने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में उपस्थित रहने पर अपनी सहमति दी है।"
राज्य की राजनीति और सीमा मुद्दे के बारे में अंतुले के गहरे ज्ञान की प्रशंसा करते हुए ठाकरे ने कहा है कि वर्ष 1964 में अंतुले ने अपनी किताब 'महाजन रिपोर्ट अनकवर्ड' लिखी थी। यह पुस्तक इस मुद्दे पर अब तक की सबसे प्रामाणिक पुस्तक है।
ठाकरे ने अंतुले से कहा कि सीमा का मुद्दा सर्वोच्च न्यायालय में अंतिम चरण में है और महाराष्ट्र इस मामले में कमजोर पड़ रहा है।
ठाकरे ने आग्रह किया, "मैं चाहता हूं कि आप अपनी काली कोट दोबारा धारण करें और सर्वोच्च न्यायालय में महाराष्ट्र के पक्ष में वकालत करें।"
ठाकरे द्वारा व्यक्त किए गए सम्मान और भरोसे के प्रति आभार प्रकट करते हुए अंतुले ने हालांकि कहा कि चूंकि राज्य वकीलों को पहले से नियुक्त कर चुका है, लिहाजा ऐसे में हस्तक्षेप करना अमर्यादित होगा।
अंतुले ने ठाकरे को आश्वस्त किया, "लेकिन मैं निश्चितरूप से उन्हें अपना मार्गदर्शन दूंगा और विषय से संबंधित मेरे ज्ञान की जब भी जरूरत पड़ेगी मैं उपस्थित रहूंगा।"
दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात ढाई घंटे चली। इस मौके पर ठाकरे के बेटे उद्धव ठाकरे और राउत भी उपस्थित थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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