बच्चों की बोतल की आदत छुड़ा रक्ताल्पता से बचाएं
टोरंटो, 12 जुलाई (आईएएनएस)। वैज्ञानिकों ने लंबे समय तक बच्चों के बोतल से दूध पीने और उनके शरीर में लौह तत्व की कमी के बीच संबंध का पता लगाया है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि डॉक्टर अभिभावकों को बच्चों में रक्ताल्पता के लिए जिम्मेदार लौह तत्व की कमी के प्रति जागरूक कर सकते हैं।
सेंट माइकल्स अस्पताल की अध्ययनकर्ता जोनाथन मैक्वोयर कहती हैं कि चिकित्सकों की अभिभावकों को केवल पांच मिनट की सलाह उनके बच्चों को लौह तत्व की कमी से बचा सकती है। अध्ययन में पाया गया है कि चिकित्सकों की सलाह के बाद दो वर्ष उम्र के बच्चों में बोतल के इस्तेमाल में 60 प्रतिशत तक की कमी देखी गई।
टोरंटो विश्वविद्यालय की अध्ययनकर्ता पैट्रिसिया पार्किन कहती हैं, "पूर्व में हमने और अन्य लोगों ने लंबे समय तक बोतल से आहार लेने (16 महीने के बाद) और लौह तत्व की कमी में संबंध देखा था।"
उन्होंने कहा कि जिन अभिभावकों को चिकित्सकों की सलाह मिली उन्होंने अपने बच्चों को उनके पहले जन्मदिन से ही बोतल से भोजन देना बंद कर दिया था जबकि जिन्हें ये सलाह नहीं मिली वे 16 महीने तक बोतल से दूध पिलाते रहे।
'अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स' ने सलाह दी है कि स्वस्थ बच्चे के लिए उसकी 15 महीने की आयु तक बोतल की आदत छुड़ा देनी चाहिए लेकिन ज्यादातर चिकित्सकों और अभिभावकों को इस बात की जानकारी ही नहीं है।
ज्यादातर अभिभावक बच्चों के तीन या चार वर्ष के होने तक उन्हें बोतल से दूध पिलाते रहते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications