गडकरी पर टिप्पणी के लिए माफी मांगे कांग्रेस : भाजपा (लीड-1)
नई दिल्ली, 9 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी से शुक्रवार को मांग की है कि वह पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी पर गैर जिम्मेदार और असभ्य टिप्पणी के लिए माफी मांगे।
भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने यहां संवाददाताओं को बताया, "प्रमुख विपक्षी पार्टी के अध्यक्ष के बारे में कांग्रेस प्रवक्ता की टिप्पणी बिल्कुल गैर जिम्मेदार, राजनीतिक शिष्टाचार रहित और असभ्य है।"
रविशंकर प्रसाद कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे, जिसमें उन्होंने गडकरी को उनकी उस टिप्पणी के लिए किसी मनोचिकित्सा केंद्र में जाकर उपचार कराने की सलाह दी थी, जिसमें गडकरी ने कहा था कि सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी संसद हमले के दोषी अफजल गुरु के साथ 'दामाद' जैसा बरताव कर रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने यहां कहा था, "अश्लीलता, अशोभनीयता और मूर्खता पर प्रतिक्रिया देकर उसे महिमामंडित नहीं करना चाहिए। यह बिल्कुल स्पष्ट है कि भाजपा अध्यक्ष ने मर्यादा को पूरी तरह खो दिया है। भाजपा को चाहिए कि वह अपने अध्यक्ष को किसी मनोरोग चिकित्सा केंद्र में भर्ती करा दे।"
प्रसाद और भाजपा ने अपनी पार्टी के अध्यक्ष के खिलाफ गैरजिम्मेदाराना टिप्पणी के लिए कांग्रेस से माफी मांगने की मांग की है।
प्रसाद ने कहा, "यह सर्वविदित सच्चाई है कि अफजल गुरु की दया याचिका को तत्कालीन गृह मंत्री शिवराज पाटील ने जानबूझ कर दबाए रखा था। क्या हम इस बात से इंकार कर सकते हैं कि अफजल गुरु की फाइल अभी भी गृह मंत्रालय में है?.. इसलिए मैं मानता हूं कि हमारे अध्यक्ष राष्ट्र की भावना को जाहिर कर रहे थे। सरकार की कार्रवाई से राष्ट्र पीड़ित हुआ है और हमारे अध्यक्ष इसी पीड़ा को जाहिर कर रहे थे।"
ज्ञात हो कि देहरादून में गुरुवार को एक रैली को संबोधित करते हुए गडकरी ने अफजल गुरु की फांसी की सजा के क्रियान्वयन में हो रही देरी के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा था।
गडकरी ने कहा था, "मैं कांग्रेस नेताओं से पूछना चाहता हूं कि अफजल गुरु क्या आपका दामाद है..उसके साथ आखिर विशेष दर्जे का व्यवहार क्यों किया जा रहा है?" गडकरी ने कहा था कि कांग्रेस डरपोक लोगों की पार्टी है, जो आतंकवाद से नहीं लड़ सकती।
13 दिसंबर, 2001 को संसद पर हुए हमले में भूमिका के लिए अफजल गुरु को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी। लेकिन अभी तक उसे फांसी पर लटकाया नहीं जा सका है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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