'संबंधों में सुधार' के लिए जासूसों की अदला-बदली (लीड-2)
वाशिंगटन/मास्को, 9 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका और रूस ने आपसी रजामंदी से जासूसों की अदला-बदली के बारे में एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। इस समझौते के तहत अमेरिका ने रूस के 10 संदिग्ध जासूसों को रिहा कर दिया और इसके बदले में रूस ने भी अमेरिका के चार कथित जासूसों को माफी देते हुए मुक्त कर दिया।
समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार रूस के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में इस बात की पुष्टि कर दी कि 10 रूसी 'जासूसों' को स्वदेश लाया जा रहा है और इसके बदले में चार अमेरिकी 'जासूसों' को रिहा कर दिया गया है। रूसी 'जासूसों' की गिरफ्तारी के सिर्फ 11 दिनों बाद दोनों देशों ने इस तरह के समझौते पर सहमत हो गए। उल्लेखनीय है कि 27 जून को अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने कई शहरों से 10 रूसी जासूसों को गिरफ्तार किया था। इनमें पांच पुरुष और पांच महिलाएं थीं।
रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों के बीच यह सहमति रूस-अमेरिका संबंधों में सुधार के मकसद से भी बनी है। वैसे इस समझौते के संदर्भ में अमेरिकी सरकार की ओर से भी यही बात कही गई है। अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से गुरुवार को रूस के संदिग्ध जासूसों को रिहा करने का ऐलान किया गया। इससे कुछ देर पहले ही न्यूयार्क की एक अदालत में सभी रूसी संदिग्ध जासूसों ने अपने जुर्म कबूल कर लिए। इन लोगों को अब आस्ट्रिया की राजधानी विएना ले जाया गया है जहां से इन्हें रूस के सुपुर्द कर दिया जाएगा।
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार अमेरिका के चारों कथित जासूसों को पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियों के लिए काम करने के आरोप में रूस में हिरासत में लिया गया था और इन्हें दोषी करार दिया गया था। इन चार कथित जासूसों में परमाणु शोधकर्ता इगोर सुतियागिन भी हैं। वह बीते 11 वर्षो से रूस की कैद में थे। उनके अलावा तीन अन्य के नाम अलेकजेंडर जापोरोझस्की, अलेकजेंडर सिपाचेव और सर्गई स्क्रिपल हैं।
मास्को में रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने इन चारों लोगों को क्षमा दे दी। इन चारों कथित जासूसों ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर क्षमा की गुहार लगाई थी। मेदवेदेव के इस कदम पर रूसी सरकार के अधिकारियों ने, "इस समझौते से अमेरिका-रूस संबंधों में नई ताजगी और दोनों राष्ट्रपतियों के बीच उच्च स्तर की आपसी समझ उजागर हुई है।"
अमेरिकी समाचार पत्र 'न्यूयार्क टाइम्स' के ऑनलाइन संस्करण के अनुसार व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देश आगे भी जरूरत पड़ने पर एक दूसरे के साथ सहयोग करते रहेंगे और बीते कुछ दिनों के घटनाक्रम का द्विपक्षीय संबंधों पर किसी तरह का नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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