बंदूक रखने पर रोक नहीं

एक दूरगामी प्रभाव वाले फ़ैसले में सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच ने 5-4 के बहुमत से ये फ़ैसला सुनाया कि कोई भी शहर या राज्य अमरीकी नागरिक को बंदूक रखने से नहीं रोक सकता. अदालत ने कहा है कि अमरीका का संविधान हर नागरिक को आत्मरक्षा के लिए बंदूक रखने का अधिकार देता है और इस पर कोई भी रोक असंवैधानिक है.
ये मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने शिकागो शहर के चार नागिरकों ने पेश किया था. शिकागो में पिछले 30 सालों से हैंडगन पर प्रतिबंध है. अमरीका में बंदूक रखने के संवैधानिक अधिकार पर सालों से बहस होती आई है. इस प्रावधान में कहा गया है, “एक अच्छी तरह से नियंत्रित सेना, जो स्वतंत्र देश की रक्षा के लिए ज़रूरी है, और लोगों के हथियार रखने के अधिकार का कभी हनन नहीं होगा."
इसका सही अर्थ क्या है इसपर बहस इस पर होती रही है. दो साल पहले इसी प्रावधान का उल्लेख करते हुए एक अदालत ने वाशिंगटन डीसी में हैंडगन पर लगे प्रतिबंध को असंवैधानिक करार दिया था. अमरीका में बंदूक का समर्थन और विरोध करने वाले कई संगठन हैं लेकिन बंदूक रखने के हक़ के लिए लड़नेवाले ज़्यादा ताक़तवर माने जाते हैं.
लेकिन जब भी इस तरह की घटनाएं हुई हैं जिसमें किसी बंदूकधारी ने निर्दोष लोगों को निशाना बनाया है तो ये बहस फिर से शुरू हो जाती है. भारत में क़ानूनी तौर पर बंदूक खरीदना काफ़ी पेचीदगी भरा होता है, लाइसेंस के लिए आवेदन करना पड़ता है, वहीं अमरीका में बंदूक खरीदना बेहद आसान है.
बीबीसी संवाददाता पॉल ऐडम्स का कहना है कि जो लोग बंदूक के हक़ में हैं वो इस फ़ैसले को जीत की तरह देखेंगे लेकिन सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला ये भी स्पष्ट करता है कि बंदूक रखने से जुड़े हर नियंत्रण को ख़त्म नहीं किया जा रहा.












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