कनिष्क हादसे के पीड़ितों के प्रति खेद प्रकट करेंगे हार्पर (लीड-1)
टोरंटो, 23 जून (आईएएनएस)। एयर इंडिया के कनिष्क विमान में 1985 में हुए विस्फोट के 25 साल पूरे होने के मौके पर कनाडा के प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर कायरों द्वारा अंजाम दी गई इस घृणित कारवाई के लिए पीड़ित परिवारों से माफी मांगेंगे।
प्रधानमंत्री हार्पर, टोरंटो के हमबर बे पार्क स्थित एयर इंडिया स्मारक में आयोजित होने वाली एक सभा में शिकरत करेंगे। इसी मौके पर वह सभी पीड़ित परिवारों से सरकारी स्तर पर हुई चूक के लिए खेद प्रकट करेंगे।
कनाडा के वित्त मंत्री स्टॉकवेल डे ने कहा कि प्रधानमंत्री इस मौके पर बहुत महत्वपूर्ण घोषणा करेंगे। हार्पर कहेंगे, "हमें दुख है..इस घृणित कृत्य को कायरों ने अंजाम दिया था। नीच, पागल और शातिर।"
हार्पर के हवाले से मीडिया में प्रकाशित उनके माफीनामे में कहा गया है, "हम जानते हैं कि आतंकवाद एक हजार चेहरों वाला एक दुश्मन है और घृणा मानव मस्तिष्क के सबसे अंधे स्थान में जन्म लेती है।"
हार्पर ने कहा है, "कुछ जख्म इतने गहरे हैं कि उन्हें भरने में समय लगेगा। हमें दुख है।"
हार्पर ऐसे समय में माफी मांगने जा रहे हैं, जब कुछ दिनों पहले एक जांच में इस हादसे के लिए कनाडाई सरकार को दोषी बताया गया है और पीड़ित परिजनों के लिए मुआवजे की सिफारिश की गई है।
पिछले दिनों पूर्व प्रधान न्यायधीश जॉन मेजर की अध्यक्षता वाले आयोग ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी। इसमें कनाडाई सरकार को कटघरे में खड़ा किया गया है।
पीड़ित परिवारों की दबाव की वजह से कनाडाई सरकार ने मेजर की अध्यक्षता में जांच आयोग का गठन किया था। चार वर्ष तक चली जांच के दौरान आयोग ने पीड़ित परिवारों से बात करने के साथ जन सुनवाई करने के अलावा 200 से अधिक गवाहों के बयान लिए।
ज्ञात हो कि 23 जून, 1985 को मांट्रियल से दिल्ली के लिए उड़े कनिष्क विमान को विस्फोट से उड़ा दिया गया था। विमान में सवार सभी 329 लोग मारे गए थे। उसी दिन टोक्यो हवाई अड्डे पर भी विस्फोट हुआ था जिसमें दो लोग मारे गए थे।
इस घटना के बाद बाल गुप्ता ने 'एयर इंडिया पीड़ित परिवार संघ' नामक एक संगठन का गठन किया था। इस विस्फोट में गुप्ता ने अपनी पत्नी को खो दिया था। रिपोर्ट जारी होने के तत्काल बाद उन्होंने प्रधानमंत्री हार्पर से मुलाकात की थी।
गुप्ता ने कहा, "स्मृति सभा ओंटारियो की प्रांतीय एसेंबली में आयोजित होगी। इस दौरान पीड़ितों के परिजन अपने प्रियजनों को श्रद्धांजलि देंगे।" एक स्मृति सभा का आयोजन वेंकूवर स्टेनले पार्क में भी होगा।
उल्लेखनीय है कि इस मामले में दोषी करार दिए गए एकमात्र शख्स इंदरजीत सिंह रेयात को पिछले साल रिहा कर दिया गया था। वह 15 साल तक जेल में रहा। दो अन्य आरोपियों अजायब सिंह बागड़ी और रिपुदमन सिंह मलिक को निचली अदालत ने मार्च, 2005 में ही बरी कर दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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