प्रतिबंध कूड़ेदान में फेंकने लायक: अहमदीनेजाद
दुशांबे। ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पारित ईरान के खिलाफ अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने से संबद्ध प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए कहा है कि ये प्रस्ताव इस्तेमाल किया हुआ रुमाल जैसे हैं जिन्हें कड़ेदान में फेंकने की जरूरत है।
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समाचार एजेंसी इरना के अनुसार तजाकिस्तान का आधिकारिक दौरा कर रहे अहमदीनेजाद ने कहा कि जिन देशों के पास परमाणु बम मौजूद है,जो उनका इस्तेमाल और भंडारण दूसरों को उससे भयभीत करते हैं और अब उन्होंने ही ईरान के खिलाफ इस प्रस्ताव को पारित किया है। अहमदीनेजाद ने कहा, "मैंने इनमें से एक (प्रतिनिधि) को संदेष भेजा। उससे मैंने कहा कि ये प्रस्ताव इस्तेामल किए हुए रुमाल की तरह हैं और इन्हें कूड़ेदान में फेंक देने की जरूरत है।"
इससे पहले सुरक्षा परिषद ने दो के मुकाबले 12 मतों से ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों से जुड़े प्रस्ताव को पारित किया। 15 सदस्यों वाली सुरक्षा परिषद में से ब्राजील और तुर्की ने इन प्रतिबंधों के खिलाफ मत दिया जबकि लेबनान ने मताधिकार का प्रयोग नहीं किया। प्रतिबंध के पक्ष में 12 देशों ने मत दिए।
प्रतिबंध के तहत ईरान की परमाणु गतिविधियों को अवरुद्ध करने, संदिग्ध मालवाहक जहाजों को जब्त करने और तेहरान को युद्धक टैंक और हेलीकाप्टर के निर्यात पर रोक लगाई जाएगी। सुरक्षा परिषद के पांच वीटो सदस्य वाले देश अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन ने प्रतिबंध लगाए जाने के पक्ष में मतदान किया। इसके अलावा आस्ट्रिया, जापान, मेक्सिको, युगांडा, बोस्निया गेबन और नाईजीरिया ने प्रतिबंध के पक्ष में मतदान किया।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका और सुरक्षा परिषद के अन्य देशों को इस बात का भय है कि ईरान गुप्त तरीके से परमाणु बम बनाने की कोशिश कर रहा है। दूसरी ओर ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए है।












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