भोपाल गैस त्रासदी : सवालों से घिरी कांग्रेस (राउंडअप)

इस मामले में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह ने बयान देकर और पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कथित तौर विवादित कंपनी डॉउ केमिकल्स के लिए पैरवी कर पार्टी की मुश्किलें और बढ़ा दी है।

इस सबके बीच मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने कांग्रेस से राष्ट्र से माफी मांगने और एंडरसन को भारत लाने के लिए राजनीतिक इच्छा शक्ति दिखाने को कहा है।

राजधानी में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा कि मुख्य आरोपी एंडरसन के हादसे के चौथे दिन देश से बाहर जाने के मामले में किसी केंद्रीय मंत्री ने सहयोग नहीं दिया था।

सोनी ने पत्रकारों से कहा, "ऐसा कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है जिससे कि यह साबित हो कि एंडरसन के देश छोड़ने में किसी केंद्रीय मंत्री ने सहयोग किया था।"

उन्होंने कहा, "सच्चाई यह है कि भोपाल त्रासदी मामले में सरकार ने मंत्रियों के समूह का गठन किया है जो इस मुद्दे पर सरकार की गंभीरता को दिखाता है। कानून मंत्रालय ने बिना किसी विलंब के इस मसले पर बयान दिया है। समिति अपनी रिपोर्ट देगी इसके बाद हम देखेंगे कि कैसे आगे बढ़ना है।"

सोनी ने हालांकि कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के उस बयान पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया कि एंडरसन को अमेरिकी दबाव में छोड़ा गया था।

उन्होंने कहा, "मैं इस पर टिप्पणी करना नहीं चाहूंगी।"

इस त्रासदी के समय वरिष्ठ कांग्रेस नेता अर्जुन सिंह राज्य के मुख्यमंत्री थे और उनके मंत्रिमंडल में दिग्विजय सिंह कृषि मंत्री थी। दिग्विजय सिंह 1993 से 2003 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे।

एंडरसन को सात दिसंबर 1984 को गिरफ्तार किया गया था लेकिन उसे भोपाल की एक अदालत से तुरंत जमानत मिल गई और इसके बाद वह राज्य सरकार के एक विमान से दिल्ली आ गया। दिल्ली से उसने विदेश की एक उड़ान पकड़ ली।

पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी द्वारा यूनियन कार्बाइड कंपनी को खरीदने वाली डॉउ केमिकल्स के लिए कथित तौर पर पैरवी करने को लेकर हुए खुलासे के बाद कांग्रेस की मुश्किल और बढ़ गई लगती है।

सिंघवी ने हालांकि इस मामले में कुछ भी गलत करने से इंकार किया है।

सिंघवी ने समचार चैनल एनडीटीवी से कहा, "इस आरोप के बारे में मुझे पता नहीं है। आप इसे मजाकिया करार दे सकते हैं। यह एक पुराना मामला है। इसमें केवल कानूनी सवाल शामिल है। मुझे नहीं पता कि डॉउ वही कंपनी है जो यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) से जुड़ी हुई है। ये एनजीओ डॉउ और यूसीआईएल को एक ही साबित करने में लगे हुए हैं।"

उन्होंने येल से फोन पर बातचीत में यह बात कही। वह एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।

इस बीच गुरुवार को भोपाल में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के एक निदेशक और पायलट ने दावा कि मुख्यमंत्री कार्यालय से एंडरसन को दिल्ली पहुंचाने के लिए कहा गया।

तत्काली उड्डयन निदेशक आर.एस. सोढ़ी ने कहा, "हमें मुख्यमंत्री कार्यालय से फोन आया और एक उड़ान की व्यवस्था करने को कहा गया।"

इस सबके बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा है कि अब सच्चाई सामने आ गई है। इसको देखते हुए कांग्रेस को राष्ट्र से माफी मांगनी चाहिए और मामले के मुख्य आरोपी वारेन एंडरसन को अमेरिका से भारत लाने के लिए 'राजनीतिक इच्छा शक्ति' दिखानी चाहिए।

भाजपा ने कहा कि त्रासदी के संदर्भ में आए निराशाजनक अदालती फैसले के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व़ राजीव गांधी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार एवं तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार जिम्मेदार है।

पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, "यह बात अब साफ हो गई है कि कांग्रेस की दोनों सरकारों ने पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय आरोपियों को मदद करने का ही काम किया था।"

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को क्षमा मांगनी चाहिए और एंडरसन को न्याय के कटघरे में खड़ा करने के लिए अमेरिका के समक्ष राजनीतिक इच्छा प्रदíशत करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकारी विमान मुख्यमंत्री की अनुमति के बिना किसी को सुलभ नहीं कराया जा सकता। साथ ही नियमों के अनुसार उस हवाई जहाज पर किसी न किसी एक मंत्री या वरिष्ठ अधिकारी का साथ रहना जरूरी होता है।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी मांग करती है कि एंडरसन को दिल्ली लाने वाले विमान में उसके साथ सवार मंत्री के नाम का खुलासा किया जाए। तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व़ राजीव गांधी की सहमति के बिना इतना बड़ा कदम कोई नहीं उठा सकता था।

कांग्रेस पर त्रासदी के लिए जिम्मेदार कंपनी यूनियन कार्बाइड को सहयोग देने का आरोप लगाते हुए जावड़ेकर ने पूछा कि दो अरब डॉलर मुआवजा मांगने के बाद 30 करोड़ डॉलर के मुआवजे पर अदालत के बाहर समझौता क्यों किया गया।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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