अनिल अंबानी की आर कॉम ने बेची 26% हिस्सेदारी

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मुंबई। रिलायंस कम्युनिकेशन्स के लिए पिछले कुछ समय से लगायी जा रही अटकलें सही साबित हुई हैं। खबर थी कि अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की कंपनी का निदेशक मंडल जल्द ही कंपनी का कुछ हिस्सा बेचने के बारे में सोच रहा है। रविवार को कंपनी ने 26 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के फैसले पर मुहर लगा दी।

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कंपनी ने कहा, "रिलायंस कम्युनिकेशन्स के निदेशक मंडल ने कंपनी की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी बेहतर प्रीमियम पर रणनीतिक या निजी निवेशकों को बेचने की मंजूरी दी है।" जीएसएम और सीडीएमए दोनों ही तरह की मोबाइल सेवाएं दे रही और 10.9 ग्राहक संख्या वाली इस कंपनी के निदेशक मंडल ने अन्य रणनीतिक योजनाओं को आगे बढ़ाने की मंजूरी भी दी है। हिस्सेदारी बेचने की खबरों के बाद बीएसई पर रिलायंस कम्युनिकेशन्स के शेयर में 14.03 प्रतिशत की तेजी आ गई थी, सप्ताह के अंत में शुक्रवार को यह 168.15 रुपये पर बंद हुआ।

रिलायंस कम्युनिकेशन पिछले दो साल से विदेशों में रणनीतिक साझेदार की तलाश कर रही है, कंपनी ने अभी अपने साझेदार का खुलासा नहीं किया है लेकिन किसी संभावना से भी इंकार नहीं किया है। कंपनी ने सही समय पर गतिविधियों का खुलासा करने की इच्छा जताते हुए कहा, "कंपनी अपने शेयर धारकों की हिस्सेदारी में बढ़ोतरी के लिए कंपनी की नीतियों के तहत इस संबंध में कुछ प्रस्तावों पर विचार कर रही है।"

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पिछले साल जुलाई महीने में एटिस्लेट ने रिलायंस कम्युनिकेशन के साथ 10 साल के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग समझौता किया था। यह समझौता 2.2 अरब डॉलर की कीमत में किया गया था। एटिलेस्ट यूएई की कंपनी है। पिछले सप्ताह अबू धाबी के एक अंग्रेजी दैनिक 'द नेशनल' में खबर प्रकाशित हुई थी कि एटिस्लेट के अध्यक्ष भारत की दूसरी सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी का अधिग्रहण करने की योजना बना रहे हैं।

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