प्रधानमंत्री की कश्मीर यात्रा, सुरक्षा चाक-चौबंद (लीड-1)
पुराने शहर के पांच थानाक्षेत्रों में किसी भी तरह की हिंसा पर काबू पाने के लिए पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ)के जवान तैनात किए गए हैं। दंगा-निरोधी पुलिस और अर्धसैनिक कर्मियों की अतिरिक्त तैनाती के साथ त्रि-स्तरीय सुरक्षा का प्रबंध किया गया है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "नागरिकों की आवाजाही पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई गई है। नागरिकों की जान-माल की हिफाजत के लिए ऐहतियाती कदम उठाए गए हैं।"
प्रधानमंत्री यहां शेर-ए कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित करेंगे। उनका शाम को मुख्य राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात का कार्यक्रम है।
शेर-ए कश्मीर इंटरनेशनल कंवेशन कांप्लेक्स की ओर जाने वाले सभी रास्ते सील कर दिये गए हैं और उन सड़कों पर पुलिस के पास के बगैर वाहनों या पैदल चलने की इजाजत नहीं दी जा रही है।
निशात, शालीमार और चश्मा शाही सहित सभी मुगलिया बागों को दो दिन के लिए बंद कर दिया गया है। इसकी वजह यह है कि प्रधानमंत्री जिन कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले हैं वे सभी इन बागों के नजदीक हैं।
पुलिस और खुफिया विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मीडिया की इन रपटों का खंडन किया है कि आतंकवादी श्रीनगर में आत्मघाती हमले की साजिश रच रहे हैं। एक पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "हमें ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली है और अन्य एजेंसियों से हमें जो रपटे मिल रही हैं वे विश्वसनीय नहीं मालूम पड़तीं।"
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान सुरक्षा के बारे में एक मानक प्रक्रिया का पालन करना पड़ता है और उसका यहां कड़ाई से पालन किया जा रहा है।
बंद के आह्वान की वजह से जनजीवन पर व्यापक असर रहा। यहां के बाजार बंद रहे और सार्वजनिक वाहन नहीं चले। स्कूल और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
बंद का आह्वान कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सैयद अली गिलानी ने प्रधानमंत्री की यात्रा के विरोध में किया है। प्रधानमंत्री दोपहर को यहां पहुंच रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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