माकपा फिर से जनता का विश्वास हासिल करेगी (लीड-1)
दो दिनों तक चली पार्टी के पोलित ब्यूरो की बैठक के बाद जारी एक बयान में पार्टी ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) से जुड़े विवादों की संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की मांग की है। पार्टी ने मानवीय सहायता सामग्री बेड़ों पर इजरायल के हमले पर संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार द्वारा इजरायल की निंदा न करने की आलोचना की है।
पार्टी ने यहां जारी बयान में स्वीकार किया कि गत 30 मई को हुए चुनावों में पार्टी को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी।
बयान में कहा गया, "माकपा की प्रदेश इकाई इस हार की समीक्षा करेगी। इसके आधार पर तय किया जाएगा कि राजनीतिक और सांगठनिक स्तर पर क्या-क्या कदम उठाए जाने चाहिए ताकि लोगों का वामपंथी दलों के प्रति फिर से विश्वास लौटे।"
स्थानीय निकाय चुनावों में तृणमूल कांग्रेस को भारी सफलता मिली थी।
संसदीय समिति करे आईपीएल विवाद की जांच :
माकपा ने आईपीएल से जुड़े विवादों की संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की मांग की है।
पार्टी के बयान में कहा गया, "जिस प्रकार से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और आईपीएल ने फ्रेंचाइजी टीमों की नीलामी की, उससे कई सवाल उठते हैं।"
बयान में कहा गया, "रूटीन जांच कराकर मामले को रफदफा नहीं किया जा सकता है। इसकी व्यापक जांच होनी चाहिए। संसदीय समिति को इसकी जांच का जिम्मा सौंपा जाना चाहिए।"
इजरायल की निंदा न करने पर सरकार की आलोचना :
माकपा ने गाजा ले जाए जा रहे मानवीय सहायता सामग्री बेड़ों पर इजरायल की ओर से किए गए हमले के मद्देनजर संप्रग सरकार द्वारा इजरायल की निंदा न करने की आलोचना की है।
पार्टी के बयान में कहा गया, "यह बहुत खेद का विषय है कि भारत सरकार की तरफ से इस हमले के लिए इजरायल का नाम लेकर निंदा नहीं की गई।"
पार्टी ने इजरायल द्वारा गाजा की नाकेबंदी खत्म करने के लिए भारत को वहां काम कर रहे अन्य राष्ट्रों के साथ मिलकर काम करने की मांग की। पार्टी ने इजरायल के साथ सभी सैन्य सहयोग बंद करने की की मांग की।
उल्लेखनीय है कि इजरायल ने मानवीय मदद ले जा रहे पोतों पर हमला कर दिया था जिसमें नौ कार्यकर्ताओं की मौत हो गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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