राठौड़ की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी, फैसला गुरुवार को
चण्डीगढ़, 2 जून (आईएएनएस)। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने रुचिका गिरहोत्रा मामले में जेल भेजे गए हरियाणा के पूर्व पुलिस प्रमुख एस. पी. एस. राठौड़ की जमानत याचिका पर अपना निर्णय गुरुवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया है।राठौड़ को 25 मई को जिला एवं सत्र न्यायालय ने 18 महीने की कैद की सजा सुनाई थी। राठौड़ की पत्नी और वकील आभा राठौड़ ने 26 मई को उच्च न्यायालय में जमानत याचिका और एक समीक्षा याचिका दायर की थी।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के वकील अनमोल रतन सिद्धू ने कहा, "उच्च न्यायालय की अवकाशकालीन पीठ के न्यायाधीश अजय तिवारी ने अपना फैसला गुरुवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया है।"
राठौड़ पर 1990 में रुचिका गिरहोत्रा से छेड़छाड़ करने का आरोप लगा था। इसके तीन साल बाद रुचिका ने आत्महत्या कर ली थी।
बुधवार को न्यायालय में दलील देते हुए सिद्धू ने कहा, "यह जघन्य अपराधों में से एक है, इसके कारण जान भी जा चुकी है। राठौड़ के सभी अपराध पुख्ता सबूतों के आधार पर साबित किए जा चुके हैं। यहां मीडिया का दबाव जैसी कोई बात नहीं है।"
सीबीआई ने राठौड़ की जमानत याचिका के खिलाफ न्यायालय को 18 पृष्ठ का जवाब सौंपा है।
सीबीआई ने कहा, "वकील आभा हरियाणा लॉन टेनिस एसोसिएशन (एचएलटीए) के कार्यालय में घटना के दौरान मौजूद आराधना (मुख्य गवाह) और रुचिका (पीड़ित) से संबंधित तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही हैं। इस कृत्य के संबंध में अब संदेह की कोई गुंजाइश नहीं बची है।"
छेड़छाड़ की घटना के समय राठौड़ और टेनिस की नवोदित खिलाड़ी रुचिका एचएलटीए में मौजूद थे।
सीबीआई ने अपने जवाब में कहा कि आराधना इस मामले में स्वतंत्र, संतुलित और न्यायोचित गवाह हैं।
इस मामले में आभा ने सीबीआई के इस रुख के विरोध में अपनी दलीलें दी हैं।
पेशे से वकील बेटी प्रियांजलि के साथ मौजूद आभा ने कहा, "इस मामले में ऐसे कई सबूत मौजूद हैं जिन पर ध्यान नहीं दिया गया है। उस समय आराधना 15 साल की थी। वह एक चतुर लड़की है जो ऑस्ट्रेलिया में रहती है, वह यहां आकर प्रेस कांफ्रेंस करती है, वह राठौड़ पर हमला करने वाले उत्सव शर्मा से भी मिली थी।"
उन्होंने कहा, "शिकायत करने वाला यह परिवार (आनंद प्रकाश और मधु प्रकाश) ऐसा नहीं है जैसा वे खुद को दिखा रहे हैं।"
जिला एवं सत्र न्यायालय में दोषी ठहराए जाने और 18 महीने की कैद की सजा मिलने के फैसले के बाद हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक को 25 मई को बुड़ैल जेल भेजा गया था।
इससे पहले राठौड़ को सीबीआई की विशेष अदालत ने छह महीने की कैद और 1,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस फैसले के बाद राठौड़ को तत्काल जमानत मिल गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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